अपने आप पर विश्वास कैसे करें जब आपके सामने कई रुकावटें हों

मुश्किल समय में खुद पर यकीन कैसे करें? यहां जानें हल

ज़िंदगी में जब हालात अच्छे नहीं होते हैं, तब भी जीतने वाले लोग आगे बढ़ते रहने का कोई न कोई कारण ढूंढ ही लेते हैं। एक विजेता को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि रास्ता कितना मुश्किल है या आगे क्या होने वाला है, वह सफलता की ऊंची उड़ान भरने के लिए खुद पर यकीन करते हैं।

आपने कभी सुना है कि किसी को सफलता, बिना किसी मेहनत के मिल गई, नहीं न, क्योंकि सफलता कभी आसानी से नहीं मिलती। यह कड़ी मेहनत और खुद पर विश्वास करके ही मिलती है। सफलता तक का सफर, आपकी हिम्मत और आपके सपनों के प्रति लगन की परीक्षा लेता है। यह आपको समय-समय पर उन मुश्किलों से रू-ब-रू कराएगा, जिन्हें दूर करना बहुत कठिन लग सकता है। सफलता के रास्ते में हो सकता है कि आपके खिलाफ बाधाओं का ढेर लग जाए और उस वक्त आपको लगेगा कि हार मान लेने के सिवा आपके पास दूसरा कोई विकल्प नहीं है। जीवन यही है, जो हर किसी की परीक्षा लेता है, चाहे वह कोई खिलाड़ी हो जो अपना नाम कमाना चाहता है या फिर कोई सामान्य छात्र जो पढ़ाई में आगे जाना चाहता है। हर इंसान की ज़िंदगी में एक वक्त ऐसा आता ही है जब उसे ऐसा लगता है कि सब कुछ गलत हो रहा है। आप अपने सपने को पूरा नहीं कर पाएंगे, अगर आप खुद से बार-बार यह कह रहें हैं कि ‘आपसे नहीं होगा’ या फिर आपके आस-पास के लोग भी आपको यही सोचने पर मजबूर कर रहें हैं।

ज़िंदगी (Zindgi) के इस मोड़ पर, आपके पास दो विकल्प होते हैं, पहला हार मान लें या दूसरा, खुद पर भरोसा करें और आगे बढ़ते रहें। जीतने वाले लोग हमेशा दूसरे विकल्प को चुनते हैं। यही बात उन्हें औरों से अलग बनाती है। यहां तक कि जब हालात विजेता का साथ नहीं दे रहे होते हैं, तब भी वे खुद पर भरोसा करके आगे बढ़ते रहते हैं। एक विजेता को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि आगे आने वाला रास्ता कितना मुश्किल है या आगे क्या होने वाला है, वह सफलता की ऊंची उड़ान भरने के लिए खुद पर यकीन करते हैं।

एक पल के लिए आपको लग सकता है कि ये काफी मुश्किल है, लेकिन भरोसा करें, बुरे वक्त में खुद पर यकीन करना आसान हो जाता है। आगे बढ़ते रहने के लिए और खुद पर भरोसा बनाए रखने के लिए आपको बस कुछ बातों को ध्यान में रखना है। आइए, उनपर एक नज़र डालते हैं।

अपने हालात को स्वीकारें (Apne halat ko swikaren)

हालात चाहे जैसे भी हों, उन्हें स्वीकार कर लेने मात्र से आधी मुश्किल वही हल हो जाती है। ये हालात किसी भी चीज के बारे में हो सकते हैं, जैसे आपको कोई कर्ज चुकाना है या आप एक अच्छी नौकरी नहीं ढूंढ पा रहें हैं आदि। आपके साथ जो भी हो रहा है या आप जैसा भी महसूस कर रहें हैं, सबसे पहले उसे स्वीकार करें। अगर, कोई पुरानी बात आपको परेशान कर रही है, तो इससे बाहर निकलने का प्रयास करें। किसी बात को लेकर बैठे रहने से सिर्फ समय बर्बाद होता है और आपकी एनर्जी भी कम होती है। इसके बदले, आगे क्या करना है इसकी प्लानिंग करें। जब तक आप अपने सपने को पूरा नहीं करते, तब तक खुद पर भरोसा रखें। जैसे, थॉमस एडिसन जैसे आविष्कारक और एलोन मस्क जैसे बिजनेसमैन ने तब किया जब उनके सामने भी कई मुश्किलें पहाड़ बनकर खड़ी थी। कई बार असफलता मिलने के बावजूद वे लगातार आगे बढ़ते रहें और आखिकार, उन्हें सफलता (Success) मिली और आपको भी मिलेगी।

अपनी सोच को सीमित न रखें (Apni soch ko simit na rakhen)

अगर, आपमें आत्मविश्वास की कमी है तो यह आपको अपने सपनों को पूरा करने से रोकने लगेगा। अपनी सोच को उस दिशा में जाने ही नहीं दें, जहां आपको लगे कि आप कुछ नहीं कर सकते। सोच को सीमित करने से आपको लगने लगता है कि आप खुशी के लायक नहीं हैं या अपने सपनों को पूरा करने की आपमें हिम्मत नहीं है। ज्यादातर ऐसे ख्याल तब आते हैं, जब आप अपनी मंज़िल के बेहद करीब होते हैं। ऐसे मामलों में, हर वो बात याद करें, जो आपको हौसला देती है और खुद पर एक बार फिर से भरोसा करें। खुद से हर रोज और बार-बार कहें कि आप ज़िंदगी में कुछ भी कर सकते हैं, पा सकते हैं और आप जिंदगी में हर खुशी के हकदार हैं। खुद को किसी से कम समझने की ज़रूरत नहीं है। आप, अगर दिल से मेहनत करेंगे और अपने सपनों का पीछा करते रहेंगे, तो एक न एक दिन आप अपने सपने पा लेंगे। ऐसी पॉजिटिव सोच आपको सही ट्रैक पर रहने में मदद करेगी।

असफलताओं को आगे बढ़ने के मौके की तरह देखें (Asafltao ko aage badhne ke mauke ki tarah dekhen)

डॉ केटी बोमन जैसे वैज्ञानिकों ने जब ब्लैक होल की पहली तस्वीर जारी की, तो पूरी दुनिया ने गर्व किया। इससे पहले ऐसा कर पाना नामुमकिन माना गया था, जिसके मुमकिन होने के बाद दुनिया जश्न मना रही थी। यह उपलब्धि इतनी बड़ी थी कि इसपर किए गए अनगिनत कोशिशों ने सभी असफलताओं को सफलता की चादर से ढंक दिया। इस तस्वीर को पाने में वैज्ञानिकों को दो दशक लग गए, सोचिए उन्हें कितनी मुश्किलों का समाना करना पड़ा होगा। उनकी सफलता हम सबको एक बड़ा पाठ पढ़ाती है। अपनी असफलताओं की वजह से हार न मानें क्योंकि लगातार कोशिश करने से ही एक दिन आप सफल होंगे। खुद पर यकीन करें, एक दिन पूरी दुनिया आपकी मेहनत और सफलता को सलाम करेगी। तब तक बिना रुके, बिना हताश हुए, आगे बढ़ते रहें।

अपने करीबियों से हिम्मत लें (Apne karibiyon se himmat len)

जब आपके रास्ते में मुश्किलें हों, तो आपको खुद पर विश्वास बनाए रखने के लिए कोई तरीका ढूंढना होगा। ऐसे में आप अपनी प्रेरणा का स्रोत ढूंढे। आपका कोई करीबी, कोई रोल मॉडल, कोई मशहूर सेलिब्रिटी, कोई गाना, फिल्म या किताब, आप किसी से भी प्रेरणा ले सकते हैं। अपने पसंदीदा लोगों की लिस्ट बनाएं। जब आपको खुद के हालात खराब लगें, तो उन लोगों के संघर्ष के बारे में जानें और समझें कि उन्होंने अपनी लड़ाई कैसे लड़ी। अपने आप से पूछें, अगर वे आपकी जगह होते तो क्या करते। आपके मन में, आपको हिम्मत देने वाला जो भी जबाव आता है उसपर अमल करें, जिससे और जहां से हिम्मत मिले, ज़रूर लीजिए। ज्यादातर सफल लोगों ने ऐसा ही किया है, जब चीजें उनके हिसाब से नहीं हुई। आपके अंदर का ये जज्बा ही आपको आगे की ओर लेकर जाएगा।

दूसरों से अपनी तुलना न करें (Dusron se apni tulna na karen)

किसी से भी तुलना करना बुरा है, इससे आपने खुद क्या हासिल किया है, आप कभी नहीं देख पाएंगे। तुलना करने से आप अपने सपनों का सफर शुरू करने से पहले ही खत्म कर देते हैं। यह एक कब्र की तरह है, जिसे लोग खुद के लिए अपने हाथों से खोदते हैं। ऐसा ज़रूरी ही क्यों है कि हर किसी को दूसरों से बेहतर बनना है? आप अपने पड़ोसियों से अधिक संपत्ति चाहते हैं, अपने दोस्तों से अच्छी नौकरी और अच्छे पैसे कमाना चाहते हैं, अपने कारीबियों की तुलना में महंगे सामान खरीदते हैं, इन सबकी ज़रूरत ही क्या है? कभी न खत्म होने वाली तुलना करने की ये आदत आपको खुद से नफरत करने पर मजबूर कर सकती है। इससे बाहर निकलना ज़रूरी है। जो लोग आपसे बिल्कुल अलग ज़िंदगी जी रहें हैं, उनसे अपनी तुलना करना बंद करें। याद रखें, आपको सिर्फ खुद से आगे निकलना है। आज आप जैसे हैं, उससे बेहतर बनने की कोशिश करें। अगर, आप ऐसा कर सकते हैं, तो आप में आत्मविश्वास की कमी कभी नहीं होगी, चाहे आपके सामने कितनी ही बड़ी मुश्किल क्यों न खड़ी हो।

खुद के सबसे बड़े प्रशंसक बनें (Khud ke sabse bade prashansak banaen)

आप अपनी ज़िंदगी में चाहे जो भी गेम खेल रहें हों, लेकिन चीयरलीडर के रूप में आप सभी के पास दोस्त, परिवार और आपका अच्छा चाहने वाले लोग होते ही हैं। ज़िंदगी में, सिर्फ एक चीयरलीडर होना भी नसीब की बात है। लेकिन, अपनी ज़िंदगी के गेम में जीतने के लिए, आपको अपना सबसे बड़ा चीयरलीडर बनना पड़ेगा। जब आप खुद को खुश रखना सीख जाते हैं, तो आप हारा हुआ गेम भी जीत सकते हैं या फिर गिरने के बाद फिर से उठकर मैदान में आने को तैयार हो सकते हैं। यह हमारे अंदर के सारे नेगेटिव सोच को खत्म कर देता है, जो हमें आगे बढ़ने से रोकते हैं। खुद को खुश करने वाले लोग, हमेशा सही दिशा में सोचते हैं और आत्मविश्वास से भरे होते हैं। इसलिए अपने सपनों पर अपनी नज़रें टिकाए रखें और अपने सबसे बड़े प्रशंसक बनें।

सफलता के लिए सब्र है ज़रूरी (Safalta ke liye sabr hai jaruri)

हो सकता है आपके आसपास कोई इंसान आपसे जल्दी सफल हो जाए, लेकिन इससे आपको खुद पर शक नहीं करना है। कोशिश के बाद हो सकता है हारकर आप ये सोचने लगें कि आपको कभी सफलता मिलेगी भी या नहीं। लेकिन, इस वक्त भी आपको हार नहीं माननी चाहिए। कुछ चीज़ें देर से ही सही, लेकिन दुरुस्त आती हैं, कई बार सफलता भी ऐसी ही होती है। जब तक आप अपना सपना पूरा नहीं कर लेते हैं, तब तक खुद पर यकीन और सब्र रखें। अपने अच्छे समय का इंतजार करें, क्योंकि कभी-कभी पूरी ज़िंदगी एक पल में बदल सकती है। मेहनत से किए गए काम में बहे आंसू और पसीने की एक-एक बूंद, उन तोहफों में बदल जाएगी जिनका आपने हमेशा सपना देखा था। तब तक के लिए, एक-एक कदम आगे बढ़ाते रहें।

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