देश के भव्य शिव मंदिर

महा शिवरात्रि पर जानें देश के भव्य शिव मंदिरों के बारे में

हिंदू धर्म में महा शिवरात्रि की बहुत ही ज़्यादा महत्व है। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से भगवान महादेव प्रसन्न होते हैं। महादेव के भक्त भारत में ही नहीं है बल्कि पूरे विश्व में हैं। मान्यता है कि महा शिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

भारत में हर साल महा शिवरात्रि बहुत ही धूमधाम से मनाई जाती है। इस मौके पर बहुत से लोग व्रत करते हैं और अलग-अलग मंदिरों में जाकर भगवान महादेव की पूजा करते हैं। इस अवसर पर छोटे से लेकर बड़े मंदिरों को बहुत ही आकर्षक ढंग से सजाया जाता है। कई जगहों पर मां पार्वती और भगवान महादेव की झांकियां भी निकाली जाती हैं।

हिंदू धर्म में महा शिवरात्रि का बहुत ही ज़्यादा महत्व है। मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से भगवान महादेव प्रसन्न होते हैं। महादेव के भक्त भारत में ही नहीं है बल्कि पूरे विश्व में हैं। मान्यता यह भी है कि महा शिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। महादेव के बारे में कहा जाता है कि वे देवों के देव हैं।

हिंदू धर्म में महादेव की पूजा को बहुत ही अधिक महत्व दिया गया है। भगवान शिव त्रिदेवों में से एक हैं। भक्तजन मानते हैं कि भगवान शिव पूरा ब्रह़मांड को अपने अंदर समाए हुए हैं। हिंदू धर्म में महादेव को नीलकंठ, रुद्र, भोलेनाथ और महाकाल भी कहा जाता है। भारत में लाखों मंदिर हैं, जो महादेव को समर्पित हैं। तो इस महा शिवरात्रि (Maha Shivratri) के मौके पर सोलवेदा हिंदी आपको बता रहा है भारत के भव्य शिव मंदिरों के बारे में।

देश के भव्य शिव मंदिर (Desh ke bhavy Shiv Mandir)

भारत देश परंपराओं और आस्था का देश माना जाता है। यहां सबसे अधिक हिंदू धर्म के लोग रहते हैं। हिंदू धर्म में भगवान शिव को देवो का देव माना जाता है। भारत के कोने-कोने में आपको शिव मंदिर देखने को मिल जाएंगे। लेकिन, देश-भर के कुछ खास शिव मंदिर विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हैं, आइए इनके बारे में जानते हैं।

महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन (Mahakaleshwar Mandir)

महाकालेश्वर शिव मंदिर मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित है। यह मंदिर पूरे विश्व में काफी मशहूर है। यहां हर साल पूरी दुनिया से लाखों की संख्या में महादेव के भक्त पहुंचते हैं और पूजा-अर्चना करते हैं। उज्जैन ‘महाकाल की नगरी’ के नाम से भी फेमस है। उज्जैन के महाकाल मंदिर को भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। यहां होने वाली आरती भस्म से की जाती है। वहीं, शिवलिंग का शृंगार भी शमशान से लाए जाने वाले राख से किया जाता है।

काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Mandir)

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर, भगवान शिव को समर्पित सबसे भव्य मंदिरों में से एक है। यह मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह मंदिर गंगा नदी के किनारे स्थित है। बताया जाता है कि यहां दर्शन करने से सीधे माक्ष की प्राप्ति होती है। काशी को ‘भगवान शिव का नगरी’ भी कहा जाता है। यहां चारों ओर आपको शिव भक्ति में लीन लोग दिख जाएंगे।

लिंगराज मंदिर ओडिशा (Lingaraj Mandir Odisha)

ओडिशा के भुवनेश्वर में भगवान महादेव का लिंगराज मंदिर है। यह मंदिर कलिंग शैली की वास्तुकला से बना हुआ है। इस मंदिर को सोम वंश के राजाओं ने बनाया था। लिंगराज मंदिर काफी ही मशहूर मंदिर है। इस भव्य मंदिर में भगवान शिव के दर्शन करने हर साल लाखों लोग पहुंचते हैं।

श्री रामानाथस्वामी मंदिर, रामेश्वरम (Shri Ramnath Swami Mandir, Rameshwaram)

तमिलनाडु के रामेश्वरम में भगवान शिव को समर्पित श्री रामानाथस्वामी मंदिर है। यह मंदिर भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जो काफी प्राचीन है। यहां हर साल लाखों शिवभक्त दर्शन करने के लिए देश-विदेश से पहुंचते हैं। इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि भगवान राम लंका से लौटते समय यहां भगवान शिव की पूजा की थी।

केदारनाथ मंदिर (Kedarnath Mandir)

केदारनाथ मंदिर भारत के सबसे भव्य और लोकप्रिय मंदिरों में शामिल हैं। शिवभक्तों के लिए इस मंदिर का खास महत्व है। उत्तराखंड में स्थित यह मंदिर चार धामों में से एक है। हिमालय से चारों ओर से घिरा यह मंदिर साल में अप्रैल से नवंबर तक ही खुला रहता है। यहां बर्फबारी होती है, जो इसके दृश्य को और भव्य बना देती है।

सोमनाथ मंदिर (Somnath Mandir)

गुजरात के सौराष्ट्र में स्थित यह मंदिर भारत के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है। यह मंदिर काफी ऐतिहासिक भी है। सोमनाथ मंदिर भी 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इस मंदिर के बारे में कई सारे हिंदू ग्रंथों में भी बताया गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार चंद्रदेव ने यहां भगवान महादेव की आराधना की थी, जिनको सोम के नाम से जाना जाता है। इसलिए इस मंदिर का नाम सोमनाथ पड़ा। समुद्र तट के किनारे बने इस मंदिर की खूबसूरती देखते ही बनती है।

बाबा बर्फानी, अमरनाथ (Baba Barfani, Amarnath)

जम्मु-कश्मीर में स्थित अमरनाथ गुफा पौराणिक मान्यताओं के लिए काफी फेमस है। यहां की जो सबसे बड़ी खासियत है, वो यह है कि यहां बर्फ से अपने आप शिवलिंग का निर्माण होता है। अमरनाथ खूबसूरत बर्फीली वादियों के बीच है, जो इसकी खूबसूरती को काफी बढ़ा देता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान महादेव ने माता पार्वती को अमर कथा सुनाई थी। इस कथा को सुनाते समय वहां कबूतर का भी एक जोड़ा था, जो इस कथा को सुनकर अमर हो गए। लोगों का मानना है कि यह कबूतर का जोड़ा आज भी यहां दिख जाता है। हालांकि, अमरनाथ गुफा की यात्रा काफी कठिनाइयों से भरा है।

बाबा वैद्यनाथ धाम मंदिर, देवघर (Baba Baidyanath Dham, Deoghar)

झारखंड के देवघर में स्थित है बाबा वैद्यनाथ धाम मंदिर। यहां मंदिर काफी फेमस है। इस मंदिर परिसर में 22 मंदिर है, जिसमें शिव, शक्ति, विष्णु, ब्रह्मा आदि की पूजा की जाती है। यहां शिव मंदिर से लेकर माता पार्वती की मंदिर तक गठबंधन की अनोखी परंपरा है। वैसे तो यहां पूरे साल लाखों की संख्या में शिवभक्त पूजा करने पहुंचते हैं, लेकिन सावन में कांवर यात्रियों की भीड़ काफी संख्या में पहुंचती है। भगवान महादेव के भक्त यहां से 105 किमी दूर बिहार के सुल्तानगंज से गंगाजल भरकर यहां पहुंचते हैं और भगवान शिव की पूजा करते हैं।

इस आर्टिकल में हमने महा शिवरात्रि के बारे में बताया। साथ ही भारत के शिव मंदिरों की जानकारी दी। सोलवेदा हिंदी का यह आर्टिकल आपको पढ़कर कैसा लगा, हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं। इसी तरह के और भी आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़ रहें सोलवेदा हिंदी से।

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