जब प्यार करे कोई, तो देखे केवल मन…

जब प्यार करे कोई, तो देखे केवल मन…

प्यार करने की कोई उम्र नहीं होती। कब, कहां, कैसे वो आपके दरवाजे पर दस्तक दे जाए, ये तो कोई नहीं जानता है। सौम्या के दरवाजे पर प्यार ने कुछ ऐसे ही दरवाजा खटखटाया था।

‘ना उम्र की सीमा हो…ना जन्म का हो बंधन…जब प्यार करे कोई…तो देखे केवल मन…’ स्पीकर पर फुल वॉल्यूम में जगजीत सिंह की गजल बज रही थी। तभी ‘टिंग-टॉन्ग’ की आवाज आई। दरवाजे पर एक 40 साल का व्यक्ति खड़ा था। “मैडम! मैं कल रात ही आपके सामने वाले फ्लैट में शिफ्ट हुआ हूं। पूरी रात सोया भी नहीं, प्लीज आप वॉल्यूम कम कर लेंगी?” सौम्या ने हां में सिर हिलाया और स्पीकर बंद कर दिया।

25 साल की सौम्या नोएडा में पिछले 4 सालों से रह रही है। वह इंटरनेशनल स्कूल में म्यूजिक और डांस टीचर है, इसलिए गाना सुनना और डांस करना उसकी हॉबी है। शाम के 5 बजे वह स्कूल से वापस आई। जैसे ही उसके फ्लोर पर लिफ्ट खुली, सामने वही व्यक्ति अपने दरवाजे पर खड़ा था। उसे देख कर सौम्या ने ‘हैलो’ किया। उसने हल्की-सी मुस्कान दी। वह बोली, “मैं सौम्या। आपका क्या नाम है?” उस व्यक्ति ने धीरे से कहा, “निलय” और वहां से नीचे चला गया।

अगली सुबह सौम्या की नींद डोरबेल की आवाज से खुली। दरवाजे पर निलय था, “जी आ…आप!” निलय कहता है, “सौम्या जी! मेरे किचन का नल टूट गया है। क्या यहां आस-पास कोई प्लम्बर है?” सौम्या तुरंत अपना फोन लेकर आती है और कहती है “चलिए मैं देखती हूं और प्लम्बर अभी थोड़ी देर में आ जाएगा।” सौम्या, निलय के घर जाती है। अपने दुपट्टे से नल को कस कर बांध देती है। थोड़ी देर बाद प्लम्बर आ जाता है।

इसके बाद निलय चाय लेकर आया और दोनों के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ। जैसे ही सौम्या कहती है कि वह टीचर है, वैसे ही निलय अपने बेटे मेदांश को ट्यूशन पढ़ाने के लिए कहता है। वह मान जाती है। अब रोजाना स्कूल से आने के बाद सौम्या, मेदांश को पढ़ाने लगी। एक दिन निलय ने रात के 10 बजे सौम्या की डोरबेल बजाई। घबराए हुए निलय ने पूछा, “मेदांश आपके यहां है?” सौम्या ने हां में सिर हिलाया। निलय बताता है कि “वह घर की चाबी ऑफिस में ही भूल गया है?”

सौम्या बोली, “आप चाहे, तो हॉल में सोफे पर सो सकते हैं। वैसे भी रात बहुत हो गई है।” निलय हिचकिचा जाता है। सौम्या हंसते हुए कहती है कि, “घबराइए मत, मैं भूत नहीं हूं, आपको खाऊंगी नहीं वरना आपकी बीवी मुझे जेल भेज देगी।” इतना सुनते ही निलय की आंखों में आंसू आ गए। सौम्या को झटका लगा, ”सॉरी! मैं मजाक कर रही थी। आपकी बीवी को क्या हुआ? क्या वो इस दुनिया में…” निलय ने तुरंत कहा, “अरे नहीं, ऐसा नहीं है। वह हम दोनों को अकेला छोड़कर अपनी जिंदगी जीने चली गई।”

निलय अपने अतीत की बातें बताने लगता है, “वह मुझसे उम्र में 8 साल बड़ी थी। हम दोनों ने घरवालों की मर्जी के बिना शादी कर ली। फिर मेरी पत्नी गर्भवती हो गई, लेकिन उसे बच्चा नहीं चाहिए था। वह कहती थी कि तुम नहीं संभाल पाओगे। मैं उसे समझाता रहा, लेकिन उसने अपनी जिंदगी जीने के लिए मुझे और मेदांश को छोड़ दिया। शायद! मेरे प्यार पर हमारे उम्र का अंतर भारी पड़ गया।”

सौम्या, निलय के हाथों पर अपना हाथ रखते हुए बोली, “प्यार में उम्र मायने नहीं रखती है, प्यार करने वाला आपका मन देखता है। हो सकता है कि उन्हें आपसे प्यार ही न रहा हो, इसलिए उन्होंने उम्र को तवज्जो दी। मेरी नजर में आप एक अच्छे पिता और इंसान हैं।” सौम्या ने धीरे से निलय के कंधे पर सिर रखते हुए कहा, “क्या आप मुझे अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएंगे?” निलय ने मुस्कुराकर सौम्या के सिर पर अपना सिर रख दिया।

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