अपने परिवार को पास लाने के 6 तरीके

आज की व्यस्त ज़िंदगी में अपने परिवार को पास लाने के 6 तरीके

एक पुरानी कहावत है कि एक अकेली लकड़ी को तोड़ना आसान होता है, पर लकड़ियों के समूह को तोड़ना नामुमकिन। हमारा परिवार हमारे लिए लकड़ियों का वही समूह है, जिनके साथ हम सुरक्षित हैं और कभी टूट नहीं सकते।

इस दुनिया में जन्म लेते ही हमें मां-बाप जैसे दो खूबसूरत रिश्ते तो मिलते ही हैं, उनके साथ ही परिवार में अन्य भी बहुत सारे रिश्ते मिलते हैं, जिनका प्यार और साथ हमारे बड़े होने और अच्छा इंसान बनने के लिए ज़रूरी होता है। मगर, बड़े होते-होते ये रिश्ते हमसे दूर होते जाते हैं, जिसकी वजह है, सभी का अपनी-अपनी ज़िंदगियों में व्यस्त हो जाना।

एक पुरानी कहावत है कि एक अकेली लकड़ी को तोड़ना आसान होता है, पर लकड़ियों के समूह को तोड़ना नामुमकिन। हमारा परिवार हमारे लिए लकड़ियों का वही समूह है, जिनके साथ हम सुरक्षित हैं और कभी टूट नहीं सकते। हम सब अपनी भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में इतने व्यस्त हो गए हैं कि दो पल परिवार के साथ सुकून से बैठना ही भूल गए हैं। हम में से बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो नौकरी या कारोबार की वजह से अपने परिवार से दूर, किसी दूसरे शहर में रह रहे हैं। ऐसे में उनके पास बैठना तो दूर, बहुत बार बहुत हफ्तों तक एक-दूसरे का हाल लेना भी भूल जाते हैं और ऐसे ही रिश्तों में दूरियां पैदा हो जाती हैं। यह दूरियां इस तरह बढ़ जाती है कि दिल में एक अजीब-सी कसक पैदा कर देती है।

मगर, हमें इस दूरियों को हटा कर अपने परिवार को फिर से पास आना होगा, क्योंकि परिवार की जगह ज़िंदगी में कोई नहीं ले सकता। हमारा परिवार हमें शुरुआत से हर पल आगे बढ़ने की नसीहत देते आया है। इसके अलावा जिन्होंने हर दुख-सुख में हमारा साथ दिया, वो परिवार के लोग ही तो थे, फिर आज जब हम अपनी ज़िंदगियों में आगे बढ़ गए हैं, तो ऐसे में उनका साथ क्यों छोड़ना, जो हमेशा हमारे वेल-विशर रहे हैं।

तो चलिए अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस के मौके पर मैं आपको बताती हूं कि कैसे आप अपने परिवार को फिर से पास ला सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस परिवार को लाएगा पास (Antarashtriya Parivar Divas parivar ko layega pass)

हर साल 15 मई के दिन अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस या फैमिली डे (Family day) को मनाने का मकसद है, एक परिवार को फिर से करीब लाना। हम सब अपनी ज़िंदगियों की बढ़ती व्यस्तता के कारण एक-दूसरे को समय नहीं दे पाते। एक-दूसरे से अपने दुख-सुख बांटना भी भूल चुके हैं, यहां तक कि एक-दूसरे के साथ हंसे हुए भी जाने कितना वक्त गुज़र जाता है, हमें खुद ही याद नहीं रहता। ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस, हमारी ज़िंदगी में परिवार का महत्व बताता है, और एक दिन अपना सारा वक्त परिवार को समर्पित करने के लिए प्रेरित करता है।

सबसे पहले अंतराष्ट्रीय परिवार दिवस 1994 में मनाया गया था, जिसके ज़रिए संयुक्त राष्ट्र ने सभी को परिवार की ज़रूरत और मायने बताने की कोशिश की। तभी से हर साल फैमिली डे मनाया जाता है ताकि हम अपने परिवार को समय दें, और उनका साथ कभी न छोड़ें, तभी हम सब एक हैप्पी फैमिली (Happy family) की तरह रह पाएंगे।

अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवसपरिवार को लाएगा पास(Antarashtriya Parivar Divasparivar kolayega pass)

हर साल 15 मई के दिन अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस या फैमिली डे (Family day) को मनाने का मकसद है, एक परिवार को फिर से करीब लाना। हम सब अपनी ज़िंदगियों की बढ़ती व्यस्तता के कारण एक-दूसरे को समय नहीं दे पाते।एक-दूसरे से अपने दुख-सुख बांटना भी भूल चुके हैं, यहां तक कि एक-दूसरे के साथ हंसे हुए भी जाने कितना वक्त गुज़र जाता है, हमें खुद ही याद नहीं रहता। ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस,हमारी ज़िंदगी मेंपरिवार का महत्व बताता है, और एक दिन अपना सारा वक्त परिवार को समर्पित करने के लिए प्रेरित करता है।

सबसे पहले अंतराष्ट्रीय परिवार दिवस 1994 में मनाया गया था, जिसके ज़रिए संयुक्त राष्ट्र ने सभी को परिवार की ज़रूरत और मायने बताने की कोशिश की। तभी से हर साल फैमिली डे मनाया जाता है ताकि हम अपने परिवार को समय दें, और उनका साथ कभी न छोड़ें, तभी हम सब एक हैप्पी फैमिली (Happy family) की तरह रह पाएंगे।

अपने परिवार को इन 6 तरीकों से लाएं पास (Apne parivar ko in 6 tareekon se layein pass)

हमें हर चुनौती और परेशानी का सामना करना सबसे पहले परिवार में ही सिखाया जाता है। हम कैसे इंसान बनेंगे, ये भी हमारे परिवार के माहौल मेंतय होता है। हैप्पी फैमिली खुशियों (Happiness)भरे जीवन का कारण होती है।

तो चलिए इस अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस पर हम अपने फैमिली को इन 6 तरीकों से पस लाते हैं।

एक-दूसरे को वक्त दें

किसी भी रिश्ते को जोड़े रखना है, तो वक्त देना पहली शर्त है। जी हां! अगर हम अपने परिवार को पास आना चाहते हैं, तो कुछ देर उनके पास बैठिए, उनसे अपने दिल की कहिए और उनके दिल की सुनिए। अगर परिवार दूर भी है, तो फोन और वीडियो कॉल पर बातचीत करते रहा करिए।

एक दिन पूरा उन्हीं के नाम

आप अपने परिवार के साथ मिलकर एक वीकेंड प्लान कर सकते हैं। इसके अलावा सब लोग एक साथ कहीं बाहर घूमने जा सकते हैं।घूमने के लिए कोई पिकनिक स्पॉट या धार्मिक स्थल चुन सकते हैंया आप उनसे मिलने उनके घर भी जा सकते हैं।समय-समय पर साथ घूमने और मिलते-जुलते रहने से परिवार में दूरियां नहीं आती हैं।

उन्हें घर बुला लीजिए

आप अगर परिवार से दूर रहते हैं, कभी-कभी उन्हें अपने घर आने के लिए कहिएऔर जब वो आएं, तो उनके साथ खूब सारी बातें और मौज-मस्ती करिए। उनके लिए उनका फेवरेट लज़ीज़ खाना आप चाहें तो खुद बना लीजिएया बाहर से ऑर्डर कर दीजिए। इससे भी परिवार में प्यार बना रहता है।

मदद के लिए हमेशा तैयार रहें

परिवार एक ऐसा रिश्ता है, जहां सबसे पहले मदद मांगी जाती है। कोई भी परेशानी हो, सभी अपने परिवार से ही मदद की उम्मीद रखते हैं। ऐसे में अगर हम उनकी मदद नहीं करेंगे, तो फिर परिवार का मतलब ही क्या रह जाएगा। इसलिए हमेशा अपने परिवार की मदद करने के लिए आगे रहें।आपका ऐसा करना, उन्हें भी आपकी मदद करने के लिए प्रेरित करेगा।

समझने की कोशिश है ज़रूरी

हर इंसान अपने परिवार से उम्मीद करता है कि उसे दुनिया भले ही न समझे, पर उसका परिवार उसे हमेशा समझेगा। इसलिए अपने परिवार के हर सदस्य को समझने की कोशिश करें। उनकी बातें ध्यान से सुनें, और उन्हें एहसास दिलाएं कि आप उन्हें बखूबी समझते हैं। इससे परिवार में प्यार और अपनापन बढ़ता है।

कोई उपहार भी दिया जा सकता है

कभी-कभी जब हम किसी को अपनी मर्ज़ी से कोई तोहफा देते हैं, तो सामने वाले की खुशी देखते ही बनती है।उन्हें यह एहसास होता है कि वो हमारे लिए ज़रूरी हैंऔर हम उनकी कद्र करते हैं। इसलिए कभी-कभी अपने परिवार को पास लाने के लिए थोड़ी-सी जेब ढीली करनी भी पड़े, तो इसमें कैसी झिझक।

इस अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस पर आप अपनी फैमिली के लिए क्या प्लान कर रहें हैं, हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं। ऐसे ही और आर्टिकल पढ़ने के लिए सोलवेदा हिंदी से जुड़े रहें।

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