जीसस क्राइस्ट

क्रिसमस में तोहफे देने की भावना

क्रिसमस (Christmas) की सुबह तोहफे खोलने का आनंद ही कुछ अलग होता है।

दिसंबर का ज़िक्र आते ही सबसे पहला जो ख्याल मन में आता है, वह क्रिसमस (Christmas) से जुड़ा है। दिसंबर की पहली तारीख से ही फिज़ा में इस त्योहार का माहौल देखा जा सकता है। लोग उत्साह के साथ तैयार होते हैं और राह गुजरते लोगों को देखकर मुस्कुराते हैं। छुट्टी मिलते ही लोग घरों को सजाने में जुट जाते हैं। लाल, हरा, सफेद रंग देखते ही बनता है। बच्चे भी स्नोमैन बनाते हैं, जिसकी नाक तीखी होती है और आंखें बटन जैसी होती है। हर घर के बाहर क्रिसमस ट्री (Christmas tree) शान से खड़ा होता है। बाज़ार ग्राहकों के इंतजार में सज जाते हैं, ताकि लोग त्योहार के मौसम में एक दूसरे को बेहतरीन उपहार देकर खुश कर सकें। जीसस क्राइस्ट के जन्म का उत्सव सारी दुनिया में मनाया जाता है और मध्यरात्रि को चर्च में विशेष प्रार्थना (मास) की जाती है। सारी दुनिया उमंग से सराबोर हो जाती है।

बेथलेहम, जहां जीसस क्राइस्ट के जन्म से उद्धत चरखी (मैंगर) से जुड़े पारंपरिक रीति-रिवाज सारी दुनिया के चर्च में एक समान होते हैं। उदाहरण के तौर पर कैरोल को ही ले लीजिए, जिसमें तीन ‘वाइस मेन’ और 3 चरवाहों ने नन्हे प्रभु यीशु का दुनिया में गाते हुए स्वागत किया था। क्रिसमस ट्री के ऊपर बना बेथलेहम का स्टार उस सितारे का प्रतीक है जिसने लोगों को उस स्थान की ओर भेजा था जहां नन्हे जीसस क्राइस्ट विराजमान थे। इस त्योहार की सुबह तोहफे खोलने का आनंद ही निराला होता है। यह भी उस बात का प्रतीक है कि नन्हे जीसस क्राइस्ट को तोहफे (Gifts) दिए गए थे।

हालांकि, इस त्योहार के साथ कुछ ऐसी बात भी जुड़ी हुई हैं, जो उसे सबसे अलग करती है। यह है उत्साह से भरी खुशी, लोगों में प्यार का भाव और इन सबसे भी ऊपर है, दूसरों को देने का भाव। यह एक ऐसी परंपरा है, जो हमें याद दिलाती है कि हमें लोगों का शुक्रगुजार होना चाहिए और उन लोगों के साथ चीज़ें बांटनी चाहिए, जिनके पास यह नहीं हैं। सांता क्लॉज से जुड़ी बातें भी इसी उत्साह को दर्शाने वाली है। सांता एक ऐसा महान किरदार है जो नॉर्थ पोल पर रहता है और जूते पहने हुए रेनडियर के साथ स्लेह (बेपहिया गाड़ी) पर आता है। वह दानशूरता, एकजुटता और उम्मीद का प्रतीक है। आओ हम सांता की कहानी को दोबारा याद करते हैं।

ईसापूर्व चौथी शताब्दी में मिरा (अब तुर्की में) एक बिशप रहा करते थे। उनके माता-पिता का देहांत हो गया था, लेकिन उन्होंने बिशप के लिए काफी दौलत छोड़ी थी। इस बिशप के बारे में मशहूर था कि वह ज़रुरतमंदों की सहायता खुले दिल से करते थे।

मिरा में एक बेहद गरीब व्यक्ति अपनी 3 बेटियों के साथ रहता था, इसलिए उसे अपनी पहली बेटी की शादी करने में मुश्किल हो रही थी। जब निकोलस ने इस बारे में सुना तो उसने चिमनी के रास्ते से सोने से भरा एक बैग उस व्यक्ति के लिए छोड़ा। यह सोने से भरा बैग एक स्टॉकिंग में जा गिरा, जो चिमनी के पास सूखने के लिए रखा गया था। यह सोना मिलने के बाद उस व्यक्ति ने अपनी बेटी का विवाह धूमधाम से कर दिया। यही बात उसकी दूसरी बेटी के विवाह के वक्त भी दोहराई गई। उस व्यक्ति को यह समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उसकी सहायता कौन कर रहा है। जब उसने अपनी तीसरी बेटी के विवाह के बारे में सोचा, तो वह चिमनी के पास जाकर बैठ गया। इसके बाद उसे सारी कहानी का सच पता चला। निकोलस ने उस व्यक्ति से मिन्नत की कि वह इस बारे में किसी को कुछ न बताए क्योंकि वह खुद के बारे में चर्चा नहीं होने देना चाहता था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी दयालु स्वभाव की वजह से निकोलस बाद में संत निकोलस कहलाए।

अब संत निकोलस की दास्तां हर वर्ष बार-बार सुनाई जाती है। इस कहानी से हमें जो सबक मिलता है, वह यह बताता है कि आखिर क्रिसमस का अर्थ क्या होता है। इस त्योहार में दया भाव के किस्से ही संत निकोलस के दिखाए मार्ग पर चलने जैसे होते हैं। नीदरलैंड में जब यह कहानी सुनाई गई तो संत निकोलस को सिंटर क्लॉज पुकारा गया। यही शब्द बाद में जाकर सांता क्लॉज बन गया। सांता अब दानवीरता और दया भाव के प्रतीक बन गए हैं। भले ही लोग क्रिसमस मनाते हों अथवा नहीं।

अत: इस क्रिसमस पर मैंने तय किया है कि हम सांता को किस्सों और किताबों से निकालकर अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे। यह केवल हमारे विचारों में ही नहीं बल्कि हमारी क्रियाओं से भी झलकना चाहिए। मैं सांता का इसलिए इंतजार नहीं करूंगी कि वह मेरे लिए कुछ लेकर आएगा, बल्कि मैं किसी के जीवन में सांता बनकर शामिल हो जाऊंगी। मुझे बताया गया है कि यह देने का वक्त है और लेने की चिंता करने का वक्त नहीं है। एक दोस्त ने क्या खूब कहा है कि जिन्हें प्यार की ज़रुरत है उन्हें प्यार दो और जो अकेलेपन से गुजर रहे हैं उन्हें वक्त दो। खुशी, मुस्कुराहट और प्रसन्नता उसी वक्त ज्यादा फैलती है, जब हम अपने नहीं बल्कि दूसरों के बारे में सोचते हैं।

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