सांता क्लॉज़

सांता का जादू

ल्यूक खिड़की से बाहर देखते हुए धीरे से बोला, ‘सांता, क्या तुम वहां हो? स्कूल में मेरे दोस्त कहते हैं कि तुम असली नहीं हो, लेकिन मुझे पता है कि तुम असली हो।’

3 वर्षीय लोइस ने परेशान होकर अपने भाई से पूछा, ”ल्यूक, क्या तुम्हें लगता है कि सांता क्लॉज को मेरा पत्र मिल गया है? वह बेहद दूर रहता है।”

निराश दिख रहे ल्यूक ने जवाब दिया, “मुझे पूरा यकीन है कि उन्हें तुम्हारा पत्र मिल गया है। मेरे दोस्त कहते हैं कि हमारे पड़ोसी अंकल बिल ही कॉस्ट्यूम पहने सांता क्लॉज हैं।”

लोइस की आंखें अविश्वास से फैल गई। उसने पूरे विश्वास के साथ कहा, “यह सच नहीं हो सकता! मां और मैंने अपना पत्र नॉर्थ पोल को पोस्ट किया है।”

“सच में? मैंने तो अपना पत्र फाड़ दिया था। खैर, यदि हकीकत में सांता क्लॉज है और उसके पास जादुई शक्तियां हैं तो उसे पता चल ही गया होगा कि मुझे क्या चाहिए।”

लोइस अपने होठों को सिकोड़ते हुए धड़धड़ा कमरे से बाहर निकल गई।

आह भरते हुए 7 वर्षीय ल्यूक ने खिड़की खोली और क्रिसमस की रोशनी से सजे सभी घरों की टोह लेने लगा। रात का आकाश भी जगमगाते तारों से भरा हुआ था और वहां के माहौल में क्रिसमस कैरोल और हंसी के ठहाके गूंज रहे थे।

ल्यूक खिड़की से बाहर देखते हुए धीरे से बोला, “सांता, क्या तुम वहां हो? स्कूल में मेरे दोस्त कहते हैं कि तुम असली नहीं हो, लेकिन मुझे पता है कि तुम असली हो।”

उस रात, अपने गर्म, आरामदायक बिस्तरों में लंबे समय तक रहने के बावजूद न तो लोइस और न ही ल्यूक अच्छी तरह सो सके। लोइस बहुत उत्साहित थी और ल्यूक अनिश्चित था।

मध्यरात्रि के आसपास उत्साह से लबरेज लोइस उठ बैठी और चिल्लाने लगी, ‘ल्यूक! क्या तुम सुन रहे हो? मुझे लगता है कि सांता क्लॉज आ गया है।’

ल्यूक ध्यान से आवाज़ सुनने की कोशिश करने लगा। लोइस पहले ही दरवाज़ा खोल रही थी।

‘लोइस, रुको। मुझे कुछ सुनाई नहीं दिया..।’

‘शशशशश! वह नीचे है। मुझे उनके कदमों की आहट सुनाई दी है। चलो, ल्यूक,’ फुसफुसाते हुए लोइस बाहर निकल गई। ल्यूक भी उसके पीछे-पीछे चल दिया।

लेकिन उनकी बैठक में तो कोई अतिथि नहीं बैठा था।

लोइस बोली, ‘मुझे लगता है कि वह बाहर ही हैं! मुझे उनकी बजती हुई घंटियां फिर सुनाई दे रही हैं’। इसके बाद बच्चे तुरंत खिड़की की तरफ दौड़े और बाहर झांकने लगे।

छोटी बच्ची खुशी से चिल्लाकर बोली, ‘आकाश की तरफ देखो। अरे, ये तो ऐसे चमक रहा है जैसी कोई परियों का देश हो’। उसका भाई भी मंत्रमुग्ध होकर देख रहा था।

अगली सुबह, बच्चों से अपनी खुशी संभालना मुश्किल हो रहा था। क्या उन्होंने वाकई सांता क्लॉज और उनके उड़ने वाले रेन्डियर देखे थे? कम से कम उन दोनों को तो ऐसा ही लगता था और उनके यहां की क्रिसमस ट्री के नीचे लोइस और ल्यूक के लिए एक-एक उपहार रखे थे।

ल्यूक ने जैसे ही अपने उपहार को खोला, उसके मुंह से खुशी की किलकारी निकल गई। इसके साथ ही उसे वही उपहार मिला जो वह चाहता था और एक विशेष पत्र। उसने खोला और पढ़ा।

इसमें लिखा था ;

प्रिय ल्यूकस,

मैरी क्रिसमस!

तुम इस साल एक अच्छे बच्चे की तरह रहे हो। इसलिए तुम्हारा उपहार वही है, जो तुम चाहते थे।

क्या मैं तुम्हे एक राज की बात बताऊं? जादू, क्रिसमस या सांता क्लॉज या उड़ने वाले रेन्डियर में नहीं होता, असली जादू तो तुम्हारे भीतर होता है। जितना ज्यादा तुम अपने दिल की सुनोगे और अपने आप पर विश्वास करोगे, उतना ही ज्यादा चमत्कार तुम चारों ओर देखोगे। जरा सोचो, हर दिन क्रिसमस हो सकता है!

ल्यूक, जादू असल में होता है। इसलिए, तुम खुद पर विश्वास करना कभी बंद मत करना।

ढेर सारा प्यार,

सांता

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