पिता

पिता का जाना

उसकी जेब में एक कौड़ी भी न थी। वह सड़क पर चल दिया और अंतिम बार उसने अपने मकान पर एक नज़र डाली।

कंप्यूटर की स्क्रीन (Computer screen) के दाहिने कोने पर कुछ लाख रुपए की संख्या चमक उठी। 30 साल तक कड़ी मेहनत करते हुए अब तक वह यही रकम बचा पाया था।

उसने कंप्यूटर के कर्सर को वहां से हटाया और ट्रांसफर पर क्लिक कर दिया। लेन-देन सफल रहा। यह देखकर उसके होठों पर मुस्कुराहट आ गई।

उसकी जेब में एक कौड़ी भी न थी। वह सड़क पर चल दिया और अंतिम बार उसने अपने मकान पर एक नज़र डाली। फिर उसने अपने इकलौते बेटे को मकान की चाबियां सौंप दी

वह वृद्ध आश्रम ले जाने वाली गाड़ी पर सवार हो गया। उसे वह दिन याद आ रहा था, जब इस दुधमुंहे बच्चे ने पहली बार उसकी अंगुली थामी थी

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