कलियुग की कालिमा के पीछे छिपा है स्वर्णिम भोर

कलियुग की कालिमा के पीछे छिपा है स्वर्णिम भोर

विश्व के हालात विनाश-लीला का दृश्य दिखा रहे हैं। माया की काली छाया हर ओर मंडरा रही है। 5 विकारों का प्रकोप हर दिशा में विडम्बनाओं को बढ़ा रहा है, परिणामस्वरूप, मनुष्य शांति के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। देहभान का दानव अपना दांव लगा रहा है। बारूद के ढेर लगे हुए हैं। प्रकृति रौद्र रूप दिखा रही है। हर चीज़ में नकल, दिखावा और धोखेबाजी है। चारों ओर दुख, अशांति, हाहाकार, लड़ाई, झगड़ों का बाजार गर्म है।

अनिद्रा और चिंता से मानव उदासी का दास बन गया है। क्रोध और ईर्ष्या के अंगारे हर आंख से अविराम बरस रहे हैं। अनेक प्रकार की उलझनों में उलझा हुआ मानव दुख की आह से सिसक रहा है। मानव जीवन मुरझाए हुए सूखे पेड़ जैसा नज़र आ रहा है।

दुखों के पहाड़ टूट रहे हैं। इंसानियत खोकर इंसान गम की खाई में गिर रहा है। राग-द्वेष ने उसे रोगी बना दिया है। आए दिन नई-नई बीमारियां जन्म ले रही हैं। लोभ-लालच की आग सुलग रही है, विकारों के जहरीलें सांप विश्व को डस रहे हैं। भोगों की भोगनाएं असह्य हो रही हैं। भक्ति के साथ-साथ छल, कपट, प्रपंच, आडंबर आदि अति में जा रहे हैं। सूर्य आग बबूला हो रहा है। सम्प्रदाय, मठ, पंथ बढ़ रहे हैं। अधर्म की ध्वजा फहर रही है। खून, हत्या, आतंकवाद, जातिवाद तीखे हो रहे हैं। मेरे-मेरे के मोह ने मानव को अंधा बना दिया है। परिवार टूटकर छिन्न-भिन्न हो गए हैं। भाई-भाई को, बच्चा, बाप को मार रहा है। माता-पिता को वृद्धाश्रम में भेजा जा रहा है। बच्चियों की इज्ज़त खतरे में है। कब किसका अपहरण हो जाए, कुछ पता नहीं। अनाज और पानी पाउच में बिक रहे हैं। बच्चे-बच्चियों ने सारी मर्यादाएं तोड़ दी हैं। देश-देश लड़ रहे हैं। मानव, पैसों के पीछे पागल हो गया है। यह दुनिया कुम्भीपाक नर्क बन गई है।

यही धर्मग्लानि और विश्व परिवर्तन की मंगल घड़ी है। भगवान के वायदा निभाने पृथ्वी पर आने का सुहाना समय है। क्या आपको नहीं लगता कि ये वही समय है जब भगवान ने स्वयं अवतरित होकर, गीता ज्ञान सुनाकर, विकारों रूपी कौरवों का संहार किया था और परमात्मा से प्रीतबुद्धि पांडवों को स्वर्ग का राज्य-भाग्य प्रदान किया था। साथ-साथ विज्ञान गर्वितों का अंत किया था। महाभारत काल की पुनरावृत्ति और परमात्म अवतरण के गूढ़ राज को जानने और सुख-शांति भरे स्वर्णिम भोर रूपी वर्से को प्राप्त करने के लिए ब्रह्माकुमारीज की ओर से आपको हार्दिक निमंत्रण है।

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