विश्व कैंसर दिवस: कैसे लड़ रहा है विश्व कैंसर की लड़ाई?

विश्व कैंसर दिवस यानी वर्ल्ड कैंसर डे का आयोजन पूरे वर्ल्ड में यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल की ओर से किया जाता है। कैंसर दिवस का आयोजन 4 फरवरी को किया जाता है। इस दिन लोगों को कैंसर से बचाव सहित अन्य विषयों को लेकर जागरूक किया जाता है।

कैंसर, नाम सुनते ही हम डर जाते हैं, हमारे रोंगटे खड़े हो जाते हैं, ये ऐसी बीमारी है। आज भी इसका इलाज कुछ सीमित लोगों तक ही पहुंच पाता है। इस बीमारी की वजह से हर साल न जाने कितने ही लोगों की मौत हो जाती है। एक आंकड़े के अनुसार 10 में से एक व्यक्ति आज के दौर में इस बीमारी से पीड़ित है। हालांकि, इससे बहुत ज़्यादा डरने की भी ज़रूरत नहीं है, क्योंकि इस बीमारी से बचाव के उपाय भी किये जा रहे हैं। इसको लेकर विश्व के अलग-अलग संगठनों के अलावा सरकार भी प्रयास कर रही है।

कैंसर की खतरनाक स्थिति को देखते हुए और लोगों को इस बीमारी के लेकर जागरूक करने के लिए विश्व कैंसर दिवस की शुरुआत की गयी। तो चलिए इस विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर सोलवेदा हिंदी के इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि दुनिया कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से कैसे लड़ाई लड़ रही है।

विश्व कैंसर दिवस क्यों और कब से मनाया जाता है? (Vishv Cancer Divas kyon aur kab se manaya jata hai?)

विश्व कैंसर दिवस या वर्ल्ड कैंसर डे (World Cancer Day) का आयोजन पूरे विश्व में यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल की ओर से किया जाता है। कैंसर दिवस का आयोजन 4 फरवरी को किया जाता है। इस दिन लोगों को कैंसर से बचाव सहित अन्य विषयों को लेकर जागरूक किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ की स्थापना 1993 में हुई थी। वहीं, पहला कैंसर दिवस स्विट्जरलैंड के जिनेवा में मनाया गया था। इसके बाद से हर साल इस दिवस को मनाया जाता है। कैंसर को लेकर कई लोगों को गलतफहमी भी होती है कि यह बीमारी छूने से फैलती है, जबकि ऐसा नहीं है। ये धारणा बिल्कुल गलत है।

कैंसर के बारे में कैसे चला पता? (Cancer ke baare mein kaise chala pata?)

कैंसर शब्द की उत्पति का श्रेय चिकित्सा के जनक हिप्पोक्रेट्स (Hippocrates) को दिया जाता है। उन्होंने गैर-अल्सर और अल्सर बनाने वाले ट्यूमर के बारे में बताते हुए हुए ‘कार्सिनो’ और ‘कार्सिनोमा’ शब्द का इस्तेमाल किया था। ग्रीक भाषा में इस शब्द का संदर्भ केकड़े को लेकर दिया गया था, जो शायद बीमारी पर लागू होता है।

क्या है कैंसर? (Kya hai Cancer?)

इंसान का शरीर कई अनगिनत सेल्स (कोशिकाओं) से बना हुआ है। ये हमेशा टूटते रहते हैं, जो एक सामान्य प्रक्रिया है। इस पर इंसान के शरीर का पूरा नियंत्रण होता है। हालांकि, कभी-कभी जब इंसान के शरीर के किसी हिस्से से, इन सेल्स का नियंत्रण हट जाता है और सेल्स बेहिसाब तरीके से बढ़ने लगते हैं, तो उसे कैंसर कहा जाता है।

किसी भी उम्र में हो सकता है कैंसर (Kisi bhi umr mein ho sakta hai Cancer)

यह गंभीर बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर 9 में से 1 व्यक्ति को कैंसर है। चाहे वो महिला हो या फिर पुरुष। साल 2020 में भारत में 13 लाख से अधिक लोग कैंसर से पीड़ित पाए गए थे। वहीं, साल 2021 में यह आंकड़ा बढ़ कर 14 लाख से ज़्यादा हो गया। इसके अलावा, साल 2022 में यह आंकड़ा 14.61 लाख से ज़्यादा हो गया। आईसीएमआर-एनसीडीआईआर की रिसर्च के अनुसार महिलाओं में जहां ब्रेस्ट कैंसर के सबसे ज़्यादा मामले सामने आते हैं, वहीं पुरुषों को लंग या फेफड़े का कैंसर सबसे ज़्यादा प्रभावित कर रहा है।

आखिर क्यों होता है कैंसर? (Aakhir kyun hota hai Cancer?)

कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी कई कारणों से होती है। कैंसर होने के कुछ कारण हैं, धूम्रपान करना, ज़्यादा वज़न, पॉष्टिक भोजन नहीं खाना, तंबाकू चबाना, और एक्सरसाइज नहीं करना। इन सब के अलावा कई और भी कारण हैं, जिससे कैंसर होता है।

कैंसर के लक्षण (Cancer ke lakshan)

कैंसर के कई लक्षण हैं, जैसे- काफी लंबे समय तक खांसी होना, खाना खाते समय निगलने में समस्या होना, शरीर में गांठ (दर्द से भरा) होना, शरीर के किसी हिस्से से पानी या ब्लड बहना, तिल की ज़्यादा ग्रोथ होना, भूख नहीं लगना, बिना किसी वजह के वज़न बढ़ना या फिर कम होना, हर समय थकान महसूस होना आदि। शरीर के अलग-अलग अंग में होने वाला कैंसर अलग-अलग लक्षण दिखा सकता है।

कैंसर से बचाव के उपाय (Cancer se bachav ke upay)

अगर कैंसर से बचाव करना है, तो तंबाकू का उपयोग नहीं करें, चोट लगने पर सही तरीके से इलाज कराएं, स्मोकिंग न करें, एक्सरसाइज और योगा करें। किसी भी बीमारी से बचने के लिए शरीर का स्वस्थ होना बहुत ज़रूरी होता है। इसके साथ ही आप इच्छा शक्ति को मजबूत रख कर कैंसर से बचाव कर सकते हैं।

कैंसर को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयास (Cancer ko rokane ke liye kiye ja rahe prayas)

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अनुसार, कैंसर अगर इसी तरह से फैलता रहा, तो 2040 तक कैंसर से पूरे विश्व में लोगों की मौत की संख्या 16.3 मिलियन से ज़्यादा ही होगी। हालांकि, डब्लूएचओ के अनुसार कैंसर से होने वाली 40 फीसदी मौत को रोका जा सकता है। इसको लेकर लोगों को सबसे पहले जागरूक करना होगा। साथ ही अलग-अलग संगठनों को इसको लेकर काम करते हुए लोगों को बताना होगा कि इस बीमारी से कैसे बचा जा सकता है। हालांकि, आज के समय में कैंसर को लेकर लोग काफी जागरूक हुए हैं। साथ ही इलाज भी अब ज़्यादा महंगा नहीं रह गया, जिसके कारण लोगों को अब इलाज कराने में आसानी हो रही है। साथ ही सरकार भी कैंसर को लेकर समाज में काम कर रही है।

इस आर्टिकल में हमने आपको विश्व कैंसर दिवस के बारे में बताया। हमने आपको इसके लक्षण और बचाव के साथ-साथ लोग इस बीमारी से कितने लोग प्रभावित हैं, इसके बारे में बताया। साथ ही आपने जाना कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लोग कैसे लड़ रहें और कैसे अपना बचाव कर रहे हैं।

स्वास्थ्य अनमोल है, इसलिए इसकी देखभाल सही से करें। इस विश्व कैंसर दिवस पर शपथ लें कि खुद तो इस बीमारी से सुरक्षित रहेंगे ही, इसके अलावा अपने आस-पास के लोगों को भी इसको लेकर जागरूक करेंगे। इसी तरह के और भी ज्ञानवर्द्धक आर्टिकल पढ़ने के लिए सोलवेदा हिंदी से जुड़े रहें।

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