सरल जीवन जीना एक कला है

सरल जीवन प्रत्येक व्यक्ति की ज़िंदगी के प्रति दृष्टिकोण पर आधारित होती है। इसे उपदेश के तौर पर प्रचारित नहीं किया जा सकता। क्योंकि हर व्यक्ति की ज़रूरतें और पर्सनल व्यक्तिगत शौक/रुचि अलग हैं, वैसे ही उनके रास्ते भी अलग ही होते हैं।

जब मैंने एंथ्रोपोलॉजिस्ट वेरियर एल्विन के इंडियन ट्राइब्स (भारतीय जनजाति) को लेकर दृष्टिकोण के बारे में सुनी, तो भौंचक्की रह गयी। उन्होंने कहा है कि भारतीय जनजातियों को प्रीमिटिव कल्चर (आदिम संस्कृति) के स्पेसिमेन (नमूनों) के रूप में संजोकर म्युजियम्स (संग्रहालयों) में संरक्षित रखना चाहिए। भला कोई पृथ्वी पर मनुष्यों को संग्रहालयों में क्यों संरक्षित करेगा? मेरी जिज्ञासा ने मुझे इस विषय को आगे तक खंगालने को विवश कर दिया। भारतीय जनजातियों की जीवनशैली में अंदर तक झांकने पर मेरा परिचय कम से कम आवश्यकताओं के साथ जीवन जीने के तरीके से हुआ। इसके शाब्दिक अर्थ की बात करें, तो इसका मतलब होगा न्यूनतम आवश्यकताओं के साथ एक ऐसा इगैलिटेरीअन (समतावादी) जीवन जीना, जिसमें सिर के ऊपर छत हो, दिन में तीन बार भोजन मिले, दो जोड़ी कपड़े और एक जोड़ी जूते ही शामिल हों। क्या ऐसे सरल जीवन (Simple Life) जीने की भी कल्पना करना मुश्किल नहीं है?

सोफे पर पीठ टिकाकर मैं उन लोगों के बारे में सोचने लगी, जिनसे संयोगवश प्रतिदिन मेरा मिलना-जुलना होता है। मेरे दिन की शुरुआत मेरी घरेलू नौकरानी को देखते हुए होती है। सुबह के काम करते हुए उसके हाथ बर्फ जैसे ठंडे पानी में पूरी तरह भींगे हुए रहते हैं। उसके लिए मिनिमलिस्टिक लाइफस्टाइल कम्पलशन (मजबूरी) है, च्वॉइस नहीं। मेरी कार धोने वाला धनी किसान है, जो एक बहुत ही आरामदेय कार का मालिक है और वे उसमें ही सफर भी करता है। पैसे की जरूरत न होने के बावजूद वह काम करता है। सरल जीवन का मतलब उसके लिए संतुष्टि प्राप्त करना है। मेरी इमारत के सुरक्षाकर्मी ने अपना नियम बना रखा है कि वह मुझे दिन में दो बार सलाम करेगा।

वह अपने काम चलाऊ कैबिन में ही सोता है और उसे अपने गांव के घर में शायद ही कभी परिवार के साथ समय गुजारने का का अवसर मिलता है। एक बार मैंने कार से उतरकर उसे अपने पुराने कार्यस्थल पर बेहतर काम देने का प्रस्ताव दिया। आंखों में आनंद भरी चमक के साथ उसने बड़ी विनम्रता के साथ यह कहते हुए मेरा प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया ‘मैं और मेरा परिवार इसी काम में खुश हैं।’ इस सरल जीवन के समूह में सबसे हैरान कर देने वाला व्यक्ति वह है, जिनसे मेरा विवाह हुआ है। उन्हें एक टूलकिट और डेड सर्किट दे दीजिए, वे कई घंटे अथवा कई दिन उसे ठीक करने में गुजार देंगे। अगर दुनिया खत्म होने की नौबत आ जाए, तो भी वे अपने साथ इसी टूलकिट को रखेंगे, ताकि वह आने वाले वक्त में फिर किसी खराब सर्किट को ठीक करने का अपना पैशन जारी रखें।

जैसा कि हम देखते हैं सरल जीवन जीने की विशेषता व्यक्तिगत कला है और इस तरह का ज़िंदगी जीने का तरीका उपदेश देकर प्रचारित नहीं किया जा सकता। जैसे हमारी आवश्यकताओं  एवं व्यक्तिगत पसंद और नापसंद में अंतर आते रहता है, वैसे ही हमारे जीवन जीने के तरीकों में भी अंतर आता रहता है। मुझे कार धोने वाले से प्रेरणा मिलती है, जो अपनी जिंदगी कैसे जीनी है, उसके बारे में दोबारा नहीं सोचता है। वह न तो तपस्वी जैसा जीवन जीता है और न ही बिगड़ैल रईस जैसा। इसके बजाय वह रोज नए आनंद से भरा जीपन जीता है, जो काफी सरल जीवन है। क्या यह सुनकर आपको अच्छा नहीं लग रहा? आप अपने जीवन को एक पहेली की तरह देखें। इसमें हर टुकड़े को सही जगह रखने पर आपको प्रसन्नता मिलती है। नीचे दिए गये कुछ प्वाइंट मुझे सरल जीवन जीने के तरीकों से अवगत कराया है।

निवास स्थान  

मेरा निवास स्थान मेरे सपनों का घर है। फर्श पर बिछाए कालीन से मैं खिड़की के रास्ते आने सूर्य की पहली किरणों को देखती हूं। जहां पहाड़ मानो चीड़ियों की चहचहाहट के साथ नृत्य कर रहे हों। बिजली के उपकरणों से मुक्त खुली जगह में छोटी-छोटी गौरेया बेरोकटोक आना-जाना करती हैं।

कार्य

मैं एक भावुक लेखिका हूं, जिसके शब्द मौलिकता की तलाश में रहते हैं। मेरी आरामदेय कार्य-शैली मुझे आधुनिक शहरी जीवनशैली की भागमभाग वाली ज़िंदगी से दूर रखती है। इससे मैं अपनी मौलिक आवश्यकताओं और सपनों को पूरा करने लायक कमा लेती हूं।

खुद को रिफ्रेश करने का तरीका 

परिवार के लोग अक्सर मेरे खुद को रिफ्रेश करने के तौर-तरीकों पर तौर-तरीकों पर हंसते हैं। वे मुझे ऐसा आलसी कहते हैं, जो चमेली सुगंध के बीच गीली घास पर नंगे पांव टहलती है। प्रकृति में इतना कुछ खोजने के लिए है कि इसे कॉफी की दुकानों पर बैठकर नहीं समझा जा सकता।

भोजन

दाल के साथ दो रोटी मेरी ऑलटाइम फेवरेट हैं। जब मेरा मन कुछ तीखा और चटपटा खाने को करता है, तो मैं सड़क किनारे ठेला से लेकर कुछ खा लेती हूं। इनकी चीजों में काफी स्वाद होता है। उनके स्वाद का कोई मुकाबला नहीं कर सकता। लगन, ईमानदारी, प्रेम और परिश्रम से पकाया गया खाना संतुष्टि देने वाला होता है।

यात्रा

ग्रामीण इलाकों की यात्रा मुझे मेरे बचपन की उस पेंटिंग की याद दिलाती है, जिनमें ग्रामीण परिवेश और खुली धूप में खेलते हुए बच्चों को उकेरा गया था। स्थानीय दुकानदारों की कुटियों, दुकानों और झोपिड़यों की ओर जाती हुई गलियां मेरे अंदर के बच्चे को फिर से जगा देती है। मेरे अंदर का बच्चा हाथों से बनी अनगढ़ एवं आधी-अधूरी शिल्पकृतियों में उकेरे गए एक-एक क्षण को बहुमूल्य खजाने की तरह सहेज लेता है। जो सरल जीवन का प्रतीक है।

आध्यात्मिकता

आध्यात्मिक होना व्यक्तिगत पसंद-नापसंद का विषय है। यह मेरे भीतर के अच्छे और बुरे को झांकने का, उसके विश्लेषण और उपचार करने का मौका है। यह शांति और अनुमान का एक ऐसा क्षण है, जिसको प्रमाणित करने के लिए न तो किसी मूर्ति की, न किसी धर्मग्रंथ या फिर किसी पूजास्थल की आवश्यकता है।

मैं सच्चे अर्थों में दायित्व-मुक्त जीवन नहीं जीती हूं। न ही मैं सभी तरह की सुख सुविधाओं से खुद को दूर रखती हूं। इसके बाद भी मैं अपने छोटे से छोटे काम में खुशियां तलाशती हूं। इससे मुझे उसी तरह की असीम संतुष्टि मिलती है। आखिरकार जीवन को एक नेवर एंडिंग एक्सपेरिमेंट ही तो कहा जाता है।