कैसे जानें कि रिश्ते को खत्म करने का अलार्म बज रहा है

रिश्तों में दरार पड़ने पर शोर नहीं होता, जानें कैसे रहें सतर्क

रिश्तों में दरार पड़ने पर शोर नहीं होता है, बल्कि खामोशी से अंदर ही अंदर खोखला कर जाता है। जानें कि आपको एक अस्वस्थ रिश्ते से कब बाहर निकल जाना चाहिए।

एक अच्छे रिश्ते की नींव सम्मान और विश्वास पर टीकी होती है, जिसमें कोई किसी को नीचा नहीं दिखाता है और न ही एक दूसरे को कमज़ोर समझता है। अच्छे रिश्ते में एक दूसरे के प्रति प्रेम भाव होता है और छल-कपट का नामों निशान नहीं होते हैं। लेकिन, इन सबके विपरित एक अस्वस्थ रिश्ता होता है, जिसमें विश्वास, सम्मान, भावना आदि की बेहद कमी होती है। जब रिश्ते की नींव हिलने लगे, तो यह एक प्रकार का रेड फ्लैग होता है, जिससे हमें समझ जाना चाहिए कि आपके रिश्ते का ग्राफ अब नीचे की ओर जा रहा है। किसी भी रिश्ते में दिखने वाले सामान्य लक्षणों से समझ सकते हैं कि रिश्ता अस्वस्थ है शारीरिक हिंसा, मानसिक प्रताड़ना, वित्तीय नुकसान, यौन शोषण या सामाजिक दुर्व्यवहार आदि। ऐसे रिश्ते में आपका पार्टनर आपको सुख कभी नहीं दे सकता है, वह सिर्फ आपके दुखों का कारण ही बनेगा।

आपके रिश्ते में दरार आने पर शोर नहीं होगा, छोटी-छोटी ऐसी घटनाएं घटित होंगी, जो आपको संकेत देंगी। आपको उन्हें ध्यान से सुनना, समझना और देखना होगा। उदाहरण से समझें तो, क्या आपका पार्टनर आपकी सभी गतिविधियों को शक की नज़र से देखता है? क्या वह आपकी प्राइवेसी और पर्सनल स्पेस में हस्तक्षेप करता है? क्या वह आपके पहनावे को लेकर टिप्पणी करता है? क्या वह आपको आपके दोस्तों या रिश्तेदारों से मिलने से रोकता है? क्या वह सामाजिक तौर पर आपकी बेइज्जती करते हैं और आपको नीचा दिखाने का प्रयास करते हैं? अगर इनमें से किसी भी प्रश्न का जवाब ‘हां’ है, तो आपको तुरंत अपने रिश्ते के खिलाफ सर्तक हो कर कदम उठाना चाहिए।

बेशक आप अपने पार्टनर से प्यार करते होंगे, लेकिन अगर आपका रिलेशनशिप (Relationship) आपको भावनात्मक रूप से नुकसान पहुंचा रहा है, आपके आत्मसम्मान को चोटिल कर रहा है, आपकी प्रगति को रोक रहा है, तो आप नकारात्मक दिशा में जाने लगेंगे। स्टेबल निगेटिव सोशल एक्सचेंजेस एंड हेल्थ नामक एक शोध में पाया गया कि “पार्टनर, परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों के साथ तनावपूर्ण संबंध आपके स्ट्रेस का मुख्य स्रोत है। जिसका असर आपके स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।”

अगर, आपको अपने रिश्ते के भविष्य की चिंता है और आपको समझ में नहीं आ रहा है कि आगे क्या करना चाहिए? तो इस लेख को पढ़ें, जिसमें कुछ ऐसे संकेत दिए हैं, जिससे आपको समझने में आसानी होगी कि अब वक्त आ चुका है, रिश्ते को खत्म करने का।

कंट्रोल करना और अपनी ज़िद पूरी कराना (Control karna aur apni zid puri karna)

कोई भी रिश्ता स्वस्थ तभी होता है, जब उसमें निर्णय लेने का हक बराबरी का हो। न कि एक व्यक्ति दूसरे को कंट्रोल करें या उसके जीवन का निर्णय खुद ले। कुछ रिश्तों में व्यक्ति अपने पार्टनर के जीवन को काफी चालाकी से कंट्रोल करते हैं और उन्हें (पार्टनर को) इस बात का एहसास बहुत बाद में होता है। अपने पार्टनर को कंट्रोल करने के लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। वे उन्हें इमोशनल ब्लैकमेल करके या उनकी कमजोरी का फायदा उठाकर उनमें अपने हिसाब से बदलाव कराते हैं। यह रवैया रिश्ते में सिर्फ जहर पैदा करता है। उदाहरण के लिए, इस तरह के लोग आपके सामने ऐसा जताएंगे कि वे आपकी बहुत फ्रिक करते हैं, लेकिन वे इसके बहाने से आपके जीवन में घुसपैठ करने का प्रयास करते हैं। वे आपकी प्राइवेसी को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे लोग जानबूझकर आपके परिवार और दोस्तों के साथ आपके खास समय को बर्बाद करने की कोशिश करते हैं, जिससे आप बाद में तनाव से ग्रसित हो जाएं और फिर लोगों से मिलना-जुलना बंद कर दें। जब ऐसी परिस्थितियां बार-बार होने लगे, तो यह एक प्रकार का रेड फ्लैग है। जिसे आपको समझ जाना चाहिए कि अब वक्त आ गया है अपनी ज़िंदगी को बेहतर बनाने का।

बात का बतंगड़ बनाना (Baat ka batangad banana)

क्या कभी ऐसी स्थिति आई है कि आपने अपने पार्टनर को कोई काम करने के लिए कहा है और वह काम को आधे-अधूरे मन से करते हैं? जब आपको इस बात का एहसास होता है, तो आप उनसे शिकायत करते हैं। जिस पर उनका जवाब झुंझलाहट वाला होता है और सारी चीजों के लिए वे आपको ही दोषी ठहराते हैं। बुरे तरीके से बातचीत करना, सख्त रवैया अपनाना, बिना बात के गुस्सा दिखाना आदि भी एक अस्वस्थ रिश्ते के लक्षण हैं। इस तरह के व्यक्ति एक दिन तो सामान्य तरीके से बात करते हैं, लेकिन दूसरे दिन अनायास ही किसी बात पर बिफर सकते हैं। इस तरह का व्यवहार करने वाले लोग अपनी भावनाओं को जाहिर नहीं कर पाते हैं, वे दुविधा में रहते हैं। वे सोचते हैं कि बिना कहे, कोई उनका दिमाग पढ़ ले कि वह क्या सोच रहा है या किस दौर से गुज़र रहा है। जानबूझकर आपके साथ बहस या झगड़ा कर सकते हैं या आपकी सही बात को भी गलत ठहरा सकते हैं। इस स्थिति के लिए ‘बात का बतंगड़ बनाना’ जैसा मुहावरा काफी प्रासंगिक है।

बेइज्ज़ती करने के बहाने तलाशना (Bejjati karne ke bahane talashna)

सम्मान न करना, रिश्ते को खराब करने के लिए काफी है। यह सबसे बड़ा संकेत हो सकता है, लेकिन लोग इसे नज़रअंदाज़ करते हैं। आप अपने पार्टनर, परिवार या दोस्त के लिए खाना बहुत मन से बनाते हैं और वह कहता है कि आपके द्वारा बनाए गए खाने का स्वाद बहुत खराब है। इससे आपको बुरा महसूस होगा, आपकी रुचि भी खत्म हो सकती है। लेकिन, ऐसा आपका पार्टनर जानबूझ कर करता है। वह आपको अपमानित करना चाहता है, आपकी गलतियों को बढ़ा-चढ़ाकर बताना चाहता है, दूसरों के सामने आपका मज़ाक उड़ाना या आपकी आलोचना करना चाहता है। ऐसा अगर वह बार-बार करता है, तो यह एक साफ संकेत है कि वह आपका सम्मान नहीं करता है। ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि लोग ऐसा इसलिए करते हैं, ताकि वे अपने पार्टनर की तुलना में खुद को बेहतर दिखा सके।

रिश्ते में बेईमानी (Riste mein beimani)

गलतियां सबसे होती हैं लेकिन एक अस्वस्थ रिश्ते में छोटी गलती भी बहुत बड़ी हो जाती है। इसके विपरीत जब आपका पार्टनर कोई गलती करता है, तो वह आपसे झूठ बोलता है, जिससे रिश्ते में खटास आना स्वाभाविक है। रिश्ते में ईमानदारी होनी चाहिए, लेकिन झूठ बोलकर आपका पार्टनर रिश्ते में बेईमानी करता है। जो एक स्थायी रिश्ते की भी नींव को हिला सकता है। किसी भी घटना के बारे में जब आपका पार्टनर झूठ बोलता है या उसे आधे-अधूरे तरीके से बताता है, तो इससे आपकी भावनाएं आहत हो सकती हैं। कुछ स्थितियों में वह आपसे माफी नहीं मांगेगा और दोबारा उस गलती को दोहराएगा। इसके साथ ही वह अपने कामों से अपने आपको हमेशा बहुत जिम्मेदार और समझदार जताने का प्रयास करेगा, जिससे आप संदेह में रहें और रिश्ते से बाहर निकलने की न सोच पाएं।

अतीत को लेकर नाराज़गी और शिकायत करना (Atati ko lekar narazgi aur shikayat karna)

पुरानी से पुरानी बातों पर नाराज़ रहना, मनमुटाव रखना या बहस करना एक अस्वस्थ रिश्ते की निशानी है। जो आगे चलकर आपके रिश्ते को खराब या खत्म कर सकती है। किसी पुराने विषय या घटना पर या अतीत के बारे में हमेशा अपने साथी के साथ नाराज़गी रखना और उसे कोसने का मतलब है कि आप अपने रिश्ते में आगे नहीं बढ़ना चाहते हैं। यह ठीक उल्टे पांव चलने जैसा है। जब आप किसी रास्ते पर उल्टे पांव चलते हैं, तो आपके गिरने की संभावना बढ़ जाती है। बीती बातों को पकड़कर बैठने से रिश्ते में गुस्सा और कड़वाहट बढ़ सकती है, जिससे रिश्ते में विश्वास की कमी हो सकती है। इसलिए मुद्दे को आपसी समझ के साथ खत्म करने के तरीके पर बात करें। अपने पार्टनर को बार-बार शर्मिंदा महसूस न कराएं। इससे आपके हंसते-खेलते जीवन में जहर घुल जाएगा। अगर बातचीत के बाद भी मुद्दा खत्म नहीं होता है, तो आप अपने रिश्ते पर पूर्णविराम लगाने के बारे में निर्णय ले सकते हैं।

डर और तनाव में रहना (Dar aur tanav mein rahna)

जब आपका पार्टनर आपके पास होता है, तो क्या आप डरे हुए या चिंतित रहते हैं? क्या आप इस खौफ में रहते हैं कि जब आप अपने पार्टनर को कोई बात बताएंगे तो वह कैसे रिएक्ट करेगा? अगर आपका जवाब ‘हां’ है, तो आप एक गलत रिश्ते में है। यह रिश्ता आपके वजूद को अंदर ही अंदर खोखला कर सकता है। ऐसे लोगों के साथ आप हमेशा सजग रहते हैं कि उनकी मनोदशा कैसी है और वे क्या सोचते हैं। अगर इन सबके बावजूद अपने आपको पार्टनर के मन के हिसाब से ढालने की कोशिश करते हैं, तो आप अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। अगर वह किसी भी काम को कराने के लिए आपको धमकी देता है, तो इसका मतलब है कि वह रिश्ते को अस्वस्थ बना रहा है। इस तरह के रवैए में ब्लैकमेल करना, शारीरिक हिंसा या आत्महत्या की धमकी देना, आदि क्रियाएं शामिल हो सकती हैं। ऐसा करने के पीछे आपके पार्टनर का उद्देश्य होता है कि आप घर के एक कोने में डर कर रहें। इस तरह के अस्वस्थ रिश्ते से बाहर निकलें। जीवन बहुत अनमोल है, उसे दूसरों की नहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर जिएं।

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