चिंता से मुक्ति

चिंता से मुक्ति

अपनी आदतों में सुधार और बदलाव करके हम अपनी चिंता को डिसॉर्डर बनने से रोक सकते हैं। इसके लिए सबसे जरूरी चीज है, मन में चिंता से मुक्त होने की इच्छा पैदा करना।

भविष्य, वर्तमान और भूत में घटने वाली घटनाओं के लिए महसूस होने वाला अजीब सा डर “चिंता” है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में चिंता शब्द बहुत आम हो गया है। आजकल हर दूसरा शख्स चिंता से गुजर रहा है। हर छोटी बड़ी घटनाओं को लेकर मन में घबराहट और बेचैनी हम अक्सर ही महसूस करते रहते हैं। ऑफिस, घर, स्कूल कॉलेज और सोसाईटी की टेंशन हर वक़्त हमारे सिर पर सवार रहती है। यही टेंशन या चिंता इतनी ज्यादा बढ़ सकती है कि यह एक डिसॉर्डर का रूप भी ले सकती है। हालांकि, हम इसे बढ़ने से रोक सकते हैं। अपनी चिंता पर काबू पाकर, इसे रोका जा सकता है।

चिंता पर काबू कैसे पाएं?

चिंता पर काबू पाना मुश्किल जरूर है पर नामुमकिन नहीं। अपनी आदतों में सुधार और बदलाव करके हम अपनी चिंता को डिसॉर्डर बनने से रोक सकते हैं। इसके लिए सबसे जरूरी चीज है, मन में चिंता से मुक्त होने की इच्छा पैदा करना। अपनी इच्छा शक्ति को इतना मजबूत करना कि वो आपको टेंशन लेने ही नहीं दे।

अपनी चिंताओं से कैसे छुटकारा पा सकते हैं?

अपनी चिंताओं से मुक्ति पाने के लिए नीचे दिए गए उपाय अपनाएं:

नियमित व्यायाम दिलाएगा चिंता से छुटकारा

व्यायाम और योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि योग हमारी इच्छा शक्ति बढ़ाने में मदद करने के साथ साथ मेंटल पीस भी देता है।

रिलेक्सिंग म्यूजिक सुनकर मिलेगी चिंता से मुक्ति

चिंताओं को कम करने के लिए म्यूजिक एक थैरेपी की तरह‌ काम करता है। जब भी लगे कि टेंशन आपके दिमाग को कंट्रोल कर रही है तो रिलेक्सिंग म्यूजिक सुनें और आंखें बंद करके लेट जाएं।आपकी चिंता धीरे-धीरे खुद कम हो जाएगी।

चिंता से दूर रहने के लिए खुश रहना है जरूरी

जितना हो सके खुश रहने की कोशिश करें। रोज़ आईने में मुस्कुराकर देखें। इससे आप पॉजिटिव महसूस करेंगे।

ओवर थिंकिंग देती है चिंता को बुलावा

एक बात को बार-बार दोहराने से परहेज़ करें। एक ही बात को बार-बार ना सोचें। नेगेटिव विचारों को दिमाग में आने से रोकें। जब भी मन में बुरे ख्याल आएं तो खुद को विश्वास दिलाएं कि मैं जो सोच रहा/रही हूं वो ग़लत है और कुछ भी बुरा नहीं होने वाला।

हेल्दी लाइफ स्टाइल से करें चिंता को दूर

स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। रोज़ सुबह खुली हवा में सांस लें। प्रकृति से जुड़ें। खिलते हुए फूलों और उड़ती हुई तितलियों को देखें। अच्छा और साफ-सुथरा खाना खाएं।

थेरेपी करेगी चिंता में मदद

जरुरत पड़े तो साइकोलॉजिस्ट के पास जाने से भी ना कतराएं। किसी अच्छे डॉक्टर से परामर्श लें।

ऊपर दी गई बातों को याद रखने और अपनाने से आप बहुत हद तक आप चिंता से मुक्ति पा सकते हैं।

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