सास ने दिया साथ

सास ने दिया साथ

मेरा कुनाल रीना से बहुत प्यार करता था और रीना भी उसे बहुत चाहती थी। अगर आज कुनाल ज़िंदा होता तो वो ये सब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करता। मेरे बेटे कुनाल की मौत एक एक्सीडेंट है। इसमें मेरी बेटी रीना की क्या गलती?

रीना की कुछ दिन पहले ही शादी हुई और शादी के हफ्ते भर बाद ही उसके पति कुनाल की एक सड़क दुर्घटना में जान चली गई।

कुनाल की मौत का दुख पूरे घर में फैला हुआ था। लेकिन, फिर भी लोग रीना के लिए उल्टी-सीधी बातें बनाने से नहीं चूक रहे थे। हर कोई कुनाल की मौत का जिम्मा रीना के सर ही रख रहा था और बेचारी रीना जिसका रो- रो कर ऐसा हाल हो चुका था कि उसे खुद का भी होश नहीं था।

घर की कुछ औरतों ने रीना के पास आकर, उसके शरीर से एक-एक करके सारी सुहाग की निशानियां हटा दीं और कुनाल की दादी ने रीना को अपनी साड़ियों में से एक सफेद रंग की साड़ी लाकर उड़ा दी।

तभी किसी ने कहा कि, “अब जब कुनाल ही नहीं रहा तो रीना के इन लम्बे बालों का क्या मतलब?” ये सुनकर रीना की बुआ सास ने कहा, “हां सही बात है। बाल काटने की यह रस्म तो रीना को निभानी ही पड़ेगी।” वो जल्दी से अंदर गईं और रीना के बाल काटने के लिए कैंची ले लाईं।

बुआ सास उस कैंची से जैसे ही रीना के बाल काटने को हुईं कि तभी, रीना की सास ने बुआ जी का हाथ पकड़ लिया।

“क्या कर रही हो दीदी? इस बेचारी बच्ची के बाल क्यों काट रही हो?” रीना की सास ने रीना के सिर पर बड़े प्यार से हाथ फेरते हुए कहा, तो बुआ जी बोलीं, “अरे! ये तो परमात्मा है। पति के मरने के बाद पत्नी को बाल काटने ही पड़ते हैं। सब औरतों के कटते हैं, फिर इस रीना के भी कटेंगे न?”

बुआ सास रीना के बाल काटने के लिए पूरी तरह तैयार थीं, पर वहीं रीना की सास को अपनी बहू का दर्द साफ दिख रहा था।

“नहीं! मेरी रीना बाल नहीं कटवाएगी। रही परम्पराओं की बात, तो कुछ परम्पराएं अगर गलत हों तो उन्हें बदल देना चाहिए। हर इल्ज़ाम और हर परम्परा सिर्फ औरतें ही क्यों सहें? मेरा कुनाल रीना से बहुत प्यार करता था और रीना भी उसे बहुत चाहती थी। अगर आज कुनाल ज़िंदा होता तो वो ये सब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करता। मेरे बेटे कुनाल की मौत एक एक्सीडेंट है। इसमें मेरी बेटी रीना की क्या गलती? अगर किसी ने भी दोबारा रीना के बाल काटने की कोशिश की तो मैं भी अपने बाल काट कर यहीं फेंक दूंगी।”

रीना की सास की ये बातें सुनकर बुआ जी दंग रह गई और हाथ से कैंची छोड़ दी।

अपनी सास को यूं अपना साथ देता देख, रीना की आंखें पहले से ज़्यादा भर आईं और वो रोते-रोते अपनी सास के गले लग गई। उस वक्त रीना भले ही पूरी तरह टूटी हुई थी, पर अपनी सास का साथ पाकर उसका मन कुछ हल्का हो गया था।

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