ज़्यादा गम में जी रहे इंसान के लिए कभी–कभी दो अच्छे शब्द ही वह काम कर जाते हैं, जो दवा भी नहीं कर पाती। हम सभी ने जीवन में कभी न कभी वह पल ज़रूर झेला है, जब दिल भारी हो, दिमाग परेशान हो और इसी दौरान कोई अपना अचानक कह दे, “तुमने बहुत अच्छा किया” या “तुम बहुत अच्छे इंसान हो।” बस इन बातों को सुनते ही हमारे दिल का बोझ कम हो जाता है।
सराहना साधारण लगती है, लेकिन इसका असर उतना ही गहरा होता है, दिल तक पहुंचने वाला, सीधे आत्मा पर छाप छोड़ देने वाला। सही तरीके से समझा जाए, तो तारीफ सिर्फ शब्द नहीं होते, यह उन शब्दों के पीछे छिपा भरोसा, अपनापन और किसी की मेहनत को देखने की संवेदनशीलता होती है। जब हम किसी को दिल से कहते हैं कि ‘तुमने बहुत अच्छा काम किया है’, तो हम उनके अंदर एक छोटी सी रोशनी जला देते हैं, जो उन्हें अपने परेशानी या गम से बाहर निकलने का हौसला देती है।
कई बार लोग कह भी देते हैं, “यार, तुम्हारी यह बात ने आज मुझे बचा लिया,” और हमें समझ ही नहीं आता कि हमारी एक पंक्ति उन्हें कितनी गहरी लगी। तारीफ (Appreciation) करने में कोई मेहनत नहीं लगती, लेकिन इसका असर किसी पर बहुत होता है।
तो चलिए, सोलवेदा हिंदी के इस आर्टिकल में हम सराहना का असर कैसे होता है, इस पर बातें करेंगे। साथ ही, सराहना के फायदे और तारीफ के फायदे के बारे में भी बताएंगे।
तारीफ का असर
तारीफ करना सिर्फ शिष्टाचार या औपचारिकता नहीं है। यह एक इंसानी ज़रूरत है। जब हम किसी की अच्छाई, मेहनत या प्रयास की तारीफ करते हैं, तो हम न सिर्फ उसकी हिम्मत बढ़ाते हैं, बल्कि उसके दिल में भरोसा और खुशी भी जगाते हैं। सोचिए, जब किसी ने आपके लिए देर तक काम किया या मुश्किल समय में आपका साथ दिया और आप सिर्फ “शाबाश” या “बहुत अच्छा किया” बोलते हैं, तो उसका असर कितनी गहराई तक होता है। यह छोटी सी बात कभी-कभी गहरे गम का मरहम बन जाती है।
दिमाग और दिल दोनों पर होता है असर
तारीफ सिर्फ भावनाओं को नहीं छूती, बल्कि हमारे दिमाग पर भी असर डालती है। रिसर्च में पाया गया है कि जब हमें हमारी कोशिशों के लिए सराहना मिलती है, तो हमारे दिमाग में डोपामिन नामक खुशी का हार्मोन रिलीज होता है। इससे हमारी ऊर्जा बढ़ती है, आत्मविश्वास मजबूत होता है और हम आने वाली चुनौतियों का सामना आसानी से कर पाते हैं। यही कारण है कि ऑफिस, स्कूल या घर में भी सकारात्मक तारीफ वातावरण को पूरी तरह बदल देती है।
दिल से तारीफ होने पर होता है असल असर
यह ज़रूरी है कि तारीफ केवल दिखावे के लिए न हो। “बहुत अच्छा किया है” बोलना आसान है, लेकिन अगर वह शब्द सच्चे भाव के साथ नहीं आएं, तो उसका असर बहुत कम होता है। असली असर तब होता है जब हम किसी की मेहनत, उसकी विशेषता या उसके प्रयास को ध्यान से नोट करते हैं और सीधे उसके दिल तक पहुंचाते हैं। जैसे कर्मचारी की सराहना करते हुए अगर कहा जाए, “तुमने इस प्रोजेक्ट में जो मेहनत की, वह वाकई काबिले तारीफ है, इससे टीम को भी बहुत मदद मिली।”
छोटे-छोटे पल बदल सकते हैं ज़िंदगी
कभी-कभी लोग ज़िंदगी में इतना दबाव महसूस करते हैं कि उन्हें लगता है कि उनकी मेहनत बेकार जा रही है। ऐसे में एक छोटी तारीफ का मतलब बहुत बड़ा हो जाता है। यह किसी को सिर्फ खुश नहीं करता, बल्कि उसे यह एहसास दिलाता है कि उसकी कदर हो रही है और उसकी मौजूदगी मायने रखती है। यही दो-तीन अच्छे शब्द किसी के पूरे दिन, या कभी-कभी पूरे महीने या उसके नकारात्मक नज़रिए को बदल सकते हैं।
तारीफ करने से रिश्ते होते हैं मजबूत
तारीफ का असर सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) तक ही सीमित नहीं है। यह रिश्तों पर भी गहरी छाप छोड़ती है। जब हम अपने परिवार, दोस्तों या सहकर्मियों की तारीफ करते हैं, तो उनके साथ हमारा संबंध मजबूत होता है। लोग हमारे साथ अधिक सहयोगी, समझदार और सकारात्मक बने रहते हैं। यही कारण है कि सफल लोग अपने जीवन में तारीफ को कभी कम नहीं होने देते।
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