मदर मैरी के लिए प्रेम

नोत्र दाम ईसा मसीह की मां मदर मैरी को उल्लिखित करता है, जिनकी कैथोलिक आख्यान शास्त्र और मध्य युगीन यूरोपीय इतिहास में महत्त्वपूर्ण भूमिका है।

गत शुक्रवार गुड फ़्रायडे था। इस दिन ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। आज, ईस्टर संडे के दिन उनका पुनरुत्थान हुआ था। आइए आज उनकी मां मदर मैरी के बारे में कुछ जानते हैं। फ़्रांसीसी भाषा में नोत्र दाम का अर्थ आवर लेडी है। नोत्र दाम पेरिस के सबसे लोकप्रिय चर्च का नाम है, जिसमें कुछ वर्ष पहले आग लगने का समाचार मिला था और जिसका जीर्णोद्धार अभी जारी है। लेकिन साधारणतः नोत्र दाम ईसा मसीह की मां मदर मैरी को उल्लिखित करता है, जिनकी कैथोलिक आख्यान शास्त्र और मध्य युगीन यूरोपीय इतिहास में महत्त्वपूर्ण भूमिका है।

बाइबिल के न्यू टेस्टामेंट के अनुसार, अपने विवाह से पहले मैरी को सूचित किया गया कि गॉड ने निर्धारित किया था कि उनके पुत्र मैरी के माध्यम से धरती पर आएंगे। हालांकि मैरी कुंवारी थी, उनका गर्भधारण हुआ और उन्होंने ईसा को जन्म दिया।

ईसाई धर्म मानता है कि एडम और ईव अर्थात पहले पुरुष और स्त्री ने ईडन में मूल पाप किया था। इसलिए, ईसाई धर्म में कुंवारी जन्म की धारणा अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। वह स्थापित करती है कि ईसा गॉड द्वारा चुने गए मसीहा हैं। ईसा ने मानवता को सूचित किया कि गॉड ने उन्हें एडम और ईव के पाप के लिए क्षमा किया था। कई विद्वानों ने पता लगाया है कि ईसा 2000 वर्ष पहले जीवित एक ऐतिहासिक पुरुष थे। लेकिन ईसाई विश्व में ईसा लोकप्रिय इसलिए हैं कि आख्यानों के अनुसार उनकी मां कुंवारी थी।

लगभग 1500 वर्ष पहले रोमन साम्राज्य ने ईसाई धर्म को अपना आधिकारिक धर्म बनाया, ताकि उसकी प्रजा एकजुट रह सकें। फिर यह सुझाव दिया गया कि चूंकि मैरी कोई साधारण महिला न होती हुईं स्वयं मदर ऑफ़ गॉड थी, ईसा मसीह सहित उन्हें भी पूजा जाना चाहिए।

मैरी को पूजने की प्रथा मूलतः कैथोलिक संप्रदाय में पाई जाती है। 500 वर्ष पहले उभरा प्रोटेस्टैंट चर्च इस प्रथा को नकारता है। वह तर्क करता है कि कुंवारी मां की पूजा का ईसाई धर्म के इंजीलों में उल्लेख नहीं है। प्रोटेस्टैंट धर्मियों के अनुसार इस पूजा की जड़ें प्राचीन ग़ैर-ईसाई उर्वरता प्रथाओं में हैं, जैसे मिस्र की देवी ‘आयसिस’ और उनके पुत्र ‘होरस’ की पूजा में। इसलिए प्रोटेस्टैंट संप्रदाय में गॉड और ईसा की पूजा की गई।

लगभग 1000 वर्ष पहले पवित्र भूमि और विशेष रूप से यरूशलेम पर नियंत्रण पाने के लिए ईसाईयों और मुसलामानों में क्रूसयुद्ध लड़ें गए। हमें उस समय से शूरवीर योद्धाओं और विवाहित महिलाओं के बीच की कई प्रेम कहानियां मिलती हैं। यह योद्धा इन महिलाओं से बहुत प्रेम करते थे और उनके लिए युद्ध में ड्रैगन से लड़कर उन्हें पराजित करते थे।

लेकिन उनका प्रेम ‘पवित्र’ अर्थात ग़ैर-कामुक था। वह दैहिक नहीं बल्कि आत्मिक था। पवित्र प्रेम की यह धारणा, जिसमें एक पुरुष अपने आप को एक स्त्री को पूर्णतः, बिना किसी प्रतिबंध के समर्पित कर उसके लिए लड़ता है, उस काल के चारणों में बहुत लोकप्रिय थी और उन्होंने इसपर कई गीत रचें। यह प्रेम उन कई ब्रह्मचारी मठवासियों के लिए आदर्श बना, जिन्होंने पवित्र भूमि में लड़ाई की। मदर मैरी, आवर लेडी, नोत्र दाम के लिए लड़ने वाले नाईट्ज़ टेम्प्लार ऐसे ही कुछ मठवासी थे। आधुनिक काल के जेम्स बॉन्ड की फ़िल्मों में भी यही आदर्श है, जहां वे क्वीन और अपने देश के लिए मर-मिटने के लिए तैयार होते हैं।

जब क्रूसयुद्ध चल रहें थे तब पेरिस में प्रसिद्ध नोत्र दाम चर्च बनाया गया। यह ईसा और गॉड के साथ-साथ मदर मैरी के लिए भी बनाया गया था। लगभग 300 वर्ष पहले स्वतंत्रता और समानता के उसूलों के आधार पर फ़्रांसीसी क्रांति हुई। उसमें इस धारणा को नकारा गया कि राजाओं के कोई दिव्य अधिकार होते हैं। इसके बाद तर्कवादी और धर्मनिरपेक्ष शक्तियों ने इस चर्च को पूर्णतः दूषित कर दिया। उन्होंने मदर मैरी की छवि की जगह लेडी ऑफ़ जस्टिस की छवि रख दी। बाइबिल में उल्लिखित राजाओं की मूर्तियों के सर तोड़ दिए गए, क्योंकि क्रांतिकारियों ने माना कि वे स्थानीय राजा थे, जिनसे वे घृणा करते थे। बाद में, चर्च पादरियों को लौटा दिया गया। तबसे वह न केवल पेरिस बल्कि संपूर्ण यूरोप की कैथोलिक विरासत का महत्त्वपूर्ण चिन्ह रहा है।

देवदत्त पटनायक पेशे से एक डॉक्टर, लीडरशिप कंसल्टेंट, मायथोलॉजिस्ट, राइटर और कम्युनिकेटर हैं। उन्होंने मिथक, धर्म, पौराणिक कथाओं और प्रबंधन के क्षेत्र मे काफी काम किया है।