विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस: घर से कैसे करें प्रकृति सरंक्षण की शुरुआत?

प्रकृति संरक्षण करने के लिए हमें किसी बड़े आंदोलन या सभा की ज़रूरत नहीं है, हम सब अपने घर से ही अपने पर्यावरण को बचाने की पहल शुरू कर सकते हैं।

हमारे चारों ओर का वातावरण या जल-वायु हमारी प्रकृति है। इस प्रकृति से ही हमारा अस्तित्व है, क्योंकि हमारा खाना-पीना और हवा के साथ-साथ बाकी सभी चीज़ों के लिए हम इस प्रकृति पर निर्भर हैं। जब यह प्रकृति हमारी है तो इसकी रक्षा करना भी हमारा ही फर्ज़ है।

आज जहां दुनिया के हर कोने में हमारा पर्यावरण किसी न किसी तरह के प्रदूषण से जूझ रहा है, ऐसे में हमारी ज़िम्मेदारी बनती है कि हम अपने पर्यावरण की रक्षा करें। प्रकृति संरक्षण करने के लिए हमें किसी बड़े आंदोलन या सभा की ज़रूरत नहीं है, हम सब अपने घर से ही अपने पर्यावरण को बचाने की पहल शुरू कर सकते हैं। घर में और अपनी आदतों में कुछ छोटे-छोटे बदलाव करके, हम प्रकृति संरक्षण कर सकते हैं।

तो चलिए इस विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर मैं आपको सोलवेदा के साथ बताती हूं कि कैसे हम विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर कर सकते हैं, घर से प्रकृति संरक्षण की शुरुआत।

वर्ल्ड नेचर कंजर्वेशन डे क्या है? (World Nature Conservation Day kya hai?)

वर्ल्ड नेचर कंजर्वेशन डे या विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस, प्रकृति संरक्षण करने की एक पहल है। हमारी प्रकृति प्राकृतिक वनों की अंधाधुंध कटाई और अवैध वन्यजीव व्यापार जैसी बड़ी समस्याओं का सामना कर रही है। इतना ही नहीं बल्कि नदियां दिन प्रति दिन बढ़ते प्रदूषण का शिकार हो रही हैं और हवा में इतना रसायन घुल चुका है कि खुलकर सांस लेना भी दुश्वार हो गया है। इसलिए हर किसी को विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस का महत्व समझ कर हरित जीवनशैली अपनाने के लिए अपने पर्यावरण की तरफ ध्यान देना चाहिए।

स्वच्छ भारत अभियान, प्रोजेक्ट टाइगर, भविष्य के लिए मैंग्रोव (एमएफएफ) कुछ ऐसी पहल हैं, जिन्हें भारत ने प्रकृति के संरक्षण के लिए शुरू किया है। इनके अलावा भी हम सभी को अपनी तरफ से प्रकृति का संरक्षण करना चाहिए। हमें पता होना चाहिए कि हमें सांस लेने के लिए लगभग आधा ऑक्सीजन समुद्र से मिलता है, इसलिए हमें उनमें कचरा नहीं फेंकना चाहिए, यातायात के लिए कम धुएं वाले वाहन चलाने चाहिए और प्रकृति संरक्षण की शुरुआत अपने घर से करनी चाहिए ताकि हम प्रकृति संरक्षण में अपना योगदान दे सकें। विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस की शुरुआत भी इसी उद्देश्य से हुई है कि हर नागरिक अपनी प्रकृति के महत्व को समझे और इसके संरक्षण पर ध्यान दें।

कब है विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? (Kab hai Vishv Prakriti Sanrakshan Divas?)

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हर साल 27 जुलाई को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है पर्यावरण या प्रकृति को साफ-सुथरा और संरक्षित करना।

घर से कैसे करें प्रकृति संरक्षण की शुरुआत? (Ghar se kaise karein prakriti sanrakshan ki shuruaat?)

प्रकृति संरक्षण करने के लिए हमें अपने घर में कुछ मामूली से बदलाव करने होते हैं, जिससे हम प्रकृति संरक्षण में बड़ा योगदान दे सकें। तो चलिए इस विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर जाने घर से प्रकृति संरक्षण करने के तरीके।

किचन से करें प्रकृति संरक्षण की शुरुआत

प्रकृति संरक्षण की शुरुआत सबसे पहले अपने किचन से शुरू करें। किचन में सब्जियां और फलों को धोने वाले पानी को यूं ही नाली में न बहाएं। उस पानी को बचा कर रखें और बाद में उसी पानी को पेड़-पौधे में डाल दें। इससे एक तो पानी की बचत होगी और फलों और सब्जियों के पोषक तत्व भी पौधों की जड़ों तक पहुंच जाएंगे।

कचरे से बनाएं खाद

अपनी किचन में सब्जियों और फलों के छिलकों को बाकी कचरे से अलग रखें, क्योंकि फलों और सब्जियों के छिलकों को हम ज़मीन या गमलों के अंदर दबा कर खाद बना सकते हैं, जिससे गमलों की मिट्टी खाद और उपजाऊ बनी जाएगी। आप चाहें तो उन छिलकों को किसी गाय या अन्य जानवर को भी खिला सकते हैं।

पानी की एक-एक बूंद है कीमती

इस्तेमाल के बाद घर के सारे नलों को अच्छे से बंद करना मत भूलना। क्योंकि नल से टपकती एक बूंद भी ना जाने कितने लीटर पानी बर्बाद करने की वजह बन सकती है। जितना ज़रूरी हो उतना ही पानी इस्तेमाल करें। 

प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करें

कोशिश करें कि घर में किसी भी तरह की सिंगल यूज प्लास्टिक बैग या प्लास्टिक का यूज ना हो। प्लास्टिक की जगह आप कपड़े से बने थैले या पानी पीने के लिए तांबे या मिट्टी की बोतल का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

बनाएं अपना छोटा-सा गार्डन

घर की छतों, बालकनी और बगीचे में इतने ज़्यादा पेड़ लगा सकें, लगाएं। घर में एक तुलसी का पौधा ज़रूर लगाएं, जिससे घर के अंदर की हवा शुद्ध रहे। 

बारिश का पानी बचाएं

बरसात होने पर उसका पानी किसी साफ बर्तन में जमा कर लें। बरसात के पानी को आप अपने बहुत से कामों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

केमिकल वाली चीजें कम करें इस्तेमाल 

हम जाने अनजाने में बहुत से ऐसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें भर-भर के केमिकल होते हैं। ऐसे केमिकल हवा को दूषित करते हैं। तो जब भी कोई चीज़ खरीदे ध्यान दें उसमें ज़हरीले केमिकल न हों।

सीखें रीयूज करना

सामान ऐसा खरीदे जिसे बार-बार इस्तेमाल किया जा सके। आज कल लोग बिना सोचें समझें सामान खरीद लेते हैं। सामान में सब कुछ आता है कपड़े, बॉटल, बर्तन, घर की अन्य चीज़ें। किसी चीज़ को कचरे में डालने से पहले सोचें कि इसे किसी और तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है कि नहीं।

घर में और अपनी आदतों में ये बदलाव और सुधार करके न केवल हम प्रकृति संरक्षण कर सकते हैं, बल्कि खुद के शारीरिक स्वास्थ्य (Physical Wellbeing) का भी ख्याल रख सकते हैं।

अगर आप ऊपर दिए टिप्स में कुछ फॉलो करते हैं या किसी अन्य तरीके से प्रकृति संरक्षण करते हैं तो हमें कमेंट में ज़रूर बताएं। ऐसे ही और आर्टिकल पढ़ने के लिए सोलवेदा हिंदी से जुड़े रहें।

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