गले लगने के ये 7 अद्भुत फायदे: तन और मन दोनों रहेंगे तंदुरुस्त

जब हम किसी को गले लगाते हैं, तो हमारा दिमाग और शरीर स्ट्रेस-फ्री मोड में चला जाता है। रिसर्चों के अनुसार, गले लगने से सिर्फ जिसे हग दिया जा रहा है वही नहीं, बल्कि गले लगाने वाले को भी मानसिक सुकून मिलता है।

गले लगना तो वैसे छोटी सी बात लगती है, लेकिन इसके फायदे इतने अधिक हैं कि आप जानकार हैरान रह जाएंगे। हमारी रोज़मर्रा की भाग–दौड़, तनाव और ज़िम्मेदारियों के बोझ के बीच एक सच्चा, गर्मजोशी से भरा हग ऐसा काम करता है जैसे थके हुए मन पर किसी ने ठंडा पानी डाल दिया हो।

हम अक्सर सोचते हैं कि बड़े बदलाव सिर्फ बड़ी चीज़ों से होते हैं, जैसे जिम जाना, मेडिटेशन करना या डाइट बदलना। लेकिन सच मानो, तो कभी-कभी शरीर और दिल दोनों को ठीक रखने के लिए किसी का दिल से लगाया गया एक हग ही काफी होता है। यह सिर्फ दो लोगों का मिलना नहीं है, यह हमारी बॉडी का नेचुरल तरीके से रीसेट बटन दबाने जैसा है।

खास बात तो यह है कि इस डिजिटल ज़माने में, जहां लोग स्क्रीन पर ज़्यादा और सामने कम दिखते हैं, वहां गले लगना हमें वापस प्यार और अपनेपन का एहसास देता है। वह एहसास, वह गर्मी, वह अपनापन, जो किसी टेक्नोलॉजी से नहीं मिल सकता। और हां, यह सिर्फ इमोशनल चीज़ नहीं है बल्कि साइंस भी कहती है कि हग देने और लेने से शरीर में ऑक्सीटोसिन जैसे अच्छे हार्मोन बढ़ते हैं, स्ट्रेस कम होता है, हार्ट हेल्दी रहता है और दिमाग शांत होता है।

तो चलिए, सोलवेदा हिंदी के इस आर्टिकल में हम गले लगने के फायदे यानी हग (Hug) करने के फायदे के बारे में बातें करेंगे।

गले लगने के 7 फायदे (Gale lagne ke 7 fayde)

तनाव को दूर भगाता है

जब हम किसी को गले लगाते हैं, तो हमारा दिमाग और शरीर स्ट्रेस-फ्री मोड में चला जाता है। ये आपको स्ट्रेस से होने वाली बीमारियों से दूर रखता है। रिसर्चों के अनुसार, गले लगने से सिर्फ जिसे हग दिया जा रहा है वही नहीं, बल्कि गले लगाने वाले को भी मानसिक सुकून मिलता है। यह स्पर्श हमें यह एहसास दिलाता है कि हम अकेले नहीं हैं और हमारी भावनात्मक ज़िम्मेदारियां कम लगने लगती हैं।

इम्यून सिस्टम को मिलता है बूस्ट

गले लगने का एक और चमत्कारी फायदा यह है कि यह हमारी रोग-प्रतिरोधक शक्ति यानी इम्यूनिटी को मजबूत बना सकता है। एक स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों को नियमित रूप से हग मिलता था, उनकी सपोर्ट सिस्टम बेहतर होती थी और बीमारी के लिए उनका रिएक्शन भी हल्का था। मतलब झप्पी सिर्फ दिल को गर्म नहीं करती, बल्कि शरीर की सुरक्षा कवच को भी पॉलिश करती है।

दिल की सेहत पर सकारात्मक असर

दिल ठीक रहे, तो ज़िंदगी में परेशानी कम आती है और गले लगना इसमें बड़ा रोल अदा करता है। अलग–अलग रिसर्च में कहा गया है कि अगर आप अपने पार्टनर के साथ सिर्फ 20 सेकंड के लिए गले लगें, तो आपके ब्लड प्रेशर और हृदय की धड़कन में बेहतरी दिखती है। यानी प्यार भरी झप्पी दिल को भी आराम देती है और लंबे समय में हृदय स्वास्थ्य को सपोर्ट करती है।

खुशियों का हार्मोन

जब गले लगते हैं, तो शरीर में ऑक्सीटोसिन नामक हार्मोन रिलीज होता है, जिसे ‘लव हार्मोन’ भी कहते हैं। यह सिर्फ हमें खुशी देता है, बल्कि तनाव कम करने में भी मदद करता है। विशेष रूप से महिलाओं में गले मिलने पर ब्लड प्रेशर और तनाव-हार्मोन को कम करने में ऑक्सीटोसिन अहम भूमिका निभाता है।

डर और चिंता से राहत

गले लगाने का एक नज़रिया यह भी है कि यह हमें सुरक्षित महसूस कराता है, फिर चाहे हम किसी खुशी के लम्हे में हों या मुश्किल वक्त से गुज़र रहे हों। स्पर्श चिंता और डर को कम कर सकता है, खासकर उन लोगों में जिनका आत्म-विश्वास कम हो। यह फैक्ट यह बताता है कि जादू की झप्पी हमें अकेलेपन और अस्तित्व-डर के साये से बाहर निकाल सकती है।

दर्द में लाता है कमी

अगर माइग्रेन या मस्क्यूलर ऐक आपको परेशान कर रही है, तो हग एक नेचुरल और कोमल उपाय हो सकता है। रिसर्च में देखा गया है कि स्पर्श या हल्के हग्स कुछ दर्दों को कम कर सकते हैं। मतलब यह दर्द से राहत की छोटी दवा बन सकती है, जिसे हम बिना किसी साइड-इफेक्ट के हर दिन इस्तेमाल कर सकते हैं।

रिश्ता मजबूत करता है

कई बार हम अपने दिल की बात बोल नहीं पाते, लेकिन एक गले लगना वह भाषा बोल सकता है, जिसे शब्दों की ज़रूरत ही न पड़े। एक रिपोर्ट के अनुसार, हग सिर्फ एक भावनात्मक कनेक्शन नहीं, बल्कि संवाद का एक गहरा तरीका है। यह रिश्तों में भरोसा, आत्मीयता और समझ को बढ़ाता है और वही तो संबंधों की गहराई देता है।