विश्व हास्य दिवस

विश्व हास्य दिवस: क्या आप जानते हैं खुलकर हंसने के ये 10 फायदे?

विश्व हास्य दिवस को मनाने का उद्देश्य यह भी है कि लोग खुश रहना न भूलें और खुद खुश रहकर अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ख्याल तो रखें ही, साथ ही जहां भी जाएं, वहां खुशियां फैलाएं। वर्ल्ड लाफ्टर डे मनाने का एक मकसद यह भी है कि हंसते-मुसकुराते लोग दुनिया में एकजुटता का संदेश फैलाएं।

जैसे शरीर को शक्ति देने के लिए भोजन की ज़रूरत होती है, वैसे ही मन को शक्ति, हंसने और मुस्कुराने से मिलती है। क्या आप जानते हैं एक हंसता हुआ इंसान, बहुत से कम हंसने वाले लोगों से ज़्यादा स्वस्थ होता है। हंसना हमारे लिए दवा जैसा है और इसके बहुत से फायदे हैं। हमारे होंठों की मुस्कान हमें बहुत-सी मानसिक बीमारियों की चपेट में आने से रोकती है और हमें एक स्वस्थ और स्ट्रेस फ्री जीवन जीने की ओर ले जाती है।

हंसने के इन्हीं बहुत से फायदों को बताने के लिए विश्व हास्य दिवस मनाया जाता है। विश्व हास्य दिवस को मनाने का उद्देश्य यह भी है कि लोग खुश रहना न भूलें और खुद खुश रहकर अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ख्याल तो रखें ही, साथ ही जहां भी जाएं, वहां खुशियां फैलाएं। वर्ल्ड लाफ्टर डे मनाने का एक मकसद यह भी है कि हंसते-मुसकुराते लोग दुनिया में एकजुटता का संदेश फैलाएं। तो चलिए जानते हैं वर्ल्ड लाफ्टर डे (World Laughter Day) या विश्व हास्य दिवस के ज़रिए हंसने के बहुत से फायदों के बारे में।

विश्व हास्य दिवस कब मनाया जाता है? (Vishv Hasya Divas kab manaya jaata hai?)

वर्ल्ड लाफ्टर डे या विश्व हास्य दिवस हर साल मई के पहले संडे को मनाया जाता है। इस बार यानी 2024 में वर्ल्ड लाफ्टर डे 5 मई को मनाया जाएगा।

लाफ्टर डे से जुड़ी ज़रूरी खास बातें (Laughter Day se judi khas baatein)

विश्व हास्य दिवस की नींव 1998 में रखी गई थी और पहली बार 10 मई 1998 को भारत के मुंबई शहर में, हंसी योग आंदोलन के संस्थापक डॉ. मदन कटारिया द्वारा लाफ्टर डे मनाया गया था। तब से आज तक हर साल विश्व हास्य दिवस मनाया जाता है। इससे हम जान सकते हैं कि विश्व हास्य दिवस या लाफ्टर डे का इतिहास कितना पुराना है।

खुलकर हंसने के 10 फायदे (Khulkar hasne ke 10 fayde)

यूं तो हंसने और खुश रहने के कई सारे फायदे हैं, मगर हम आज बात करेंगे 10 सबसे खास फ़ायदों के bare में।

हंसना बढ़ाता है रोग-प्रतिरोधक क्षमता

डॉक्टर्स कहते हैं कि जो लोग अन्य लोगों की तुलना में ज़्यादा हंसते हैं और खुश रहते हैं, वे कम बीमार पड़ते हैं। हंसना हमारे शरीर को बीमारियों से लड़ने की शक्ति देता है और रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

हंसी रखती है मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल

हंसने से सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी दुरुस्त रहता है। यह हमारे भावनात्मक स्वास्थ्य (Emotional Wellbeing) के लिए भी बहुत ही ज़रूरी है। हंसने से दिमाग़ में डोपानाइन और ऑक्सीटॉसिन नाम के दो हार्मोन्स रिलीज़ होते हैं, जो हमें संतुष्टि और खुशी का एहसास कराते हैं। इसी कारण से इन्हें हैप्पी हार्मोन्स भी कहते हैं।

हंसेंगे तो दिल रहेगा स्वस्थ

दिल का ख्याल रखना है, तो मुस्कुराईये। जी हां! हंसना हमारे दिल के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है। आपने सुबह-सुबह किसी पार्क में ज़ोर-ज़ोर से हंस रहे बुज़ुर्गों को तो ज़रूर देखा होगा? असल में वो लोग हंसने का योग कर रहे होते, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भला-चंगा रह सके।

हंसने वाले दिखते हैं अपनी उम्र से अधिक जवान

हंसने से हम कम उम्र के दिखते हैं। जो लोग खुल कर हंसते हैं और खुश रहते हैं, वो दूसरों की तुलना में जल्दी बूढ़े नहीं होते। उनके चेहरे पर झुर्रियां नहीं आतीं और वे लम्बे समय तक जवान दिखते हैं।

स्माइल और थेरेपी का कनेक्शन

हंसना एक थेरेपी जैसा है। हंसने से हमें एंग्जाइटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक बीमारियों से लड़ने की शक्ति मिलती है। अगर आप ज़्यादा सोच चिंता में रहते हैं तो कुछ ऐसी चीज़ों में दिल लगाइए, जिससे आप ज़्यादा से ज़्यादा हंस सके, जैसे- कोई कॉमेडी शो देखना या फिर कोई फनी फिल्म। खुलकर हंसना आपके लिए किसी थेरेपी की तरह काम करेगा, वो भी बिना किसी फीस के।

मन खुश तो तन खुश

जब हम खुश रहते हैं, तो हम अपने खान-पान का भी खूब ख्याल रखते हैं और पौष्टिक आहार को अपनी थाली में जगह देते हैं। जब हम अच्छा खाते-पीते हैं, अच्छी आदतें अपनाते हैं तो हम अपने मन के साथ-साथ अनजाने में अपने तन का भी ख्याल रख रहें होते हैं।

हंसी लेकर आती है पॉज़िटिविटी

जब हम हंसते और खुश रहते हैं तो हमारे चारों ओर पॉज़िटिव वातावरण रहता है, जिससे न केवल हम सकारात्मकता महसूस करते हैं, बल्कि हमारे आस-पास के लोगों को भी हमसे पॉज़िटिव वाइब्स मिलती है।

हंसने वाले लोगों की नींद से दोस्ती

हंसने और खुश रहने का असर हमारी नींद पर भी दिखता है। जहां दुखी रहने और नकारात्मक सोचने से, नींद की कमी और थकान महसूस होती है, वही हंसने से सकारात्मकता सोच विकसित होती है, जिससे हमारी नींद पूरी होती है।

खुश रहने वाले लोग होते हैं अधिक प्रॉडक्टिव

हंसने के बहुत से फायदों में बेहतर प्रोडक्टिविटी या उत्पादकता का बढ़ना भी एक मुख्य फायदा है। जब हम खुश होते हैं, तो अपने सारे कामों को बेहतर तरीके से और समय पर खत्म कर पाते हैं।

मुस्कुराहट से शुरू होता है प्यार

सुबह ऑफिस के लिए निकलते वक्त कोई आपसे टकरा जाए और फिर उसका मुसकुराता हुआ चेहरा दिख जाए, तो दिन की शुरुआत खुशी और प्यार से होती है। खुश रहने से आपसी संबंध मजबूत होते हैं। हम दूसरों के लिए प्यार और अपनापन महसूस कर पाते हैं।

अगर आपको ये आर्टिकल पसंद आया हो तो एक बार खुलकर ज़रूर मुस्कुराएं और उन लोगों के साथ शेयर करें, जिन्हें आप खुश देखना चाहते हैं। ऐसे ही और आर्टिकल पढ़ने के लिए सोलवेदा हिंदी से जुड़े रहें।

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