एकाग्रता बढ़ाने के 8 तरीके

एकाग्रता बढ़ाने के 8 तरीके करियर में ले जाएंगे आगे

अपने गुरु की आज्ञा पाते ही अर्जुन ने निशाना लगा दिया और निशाना सीधा जाकर मछली की आंख में लग गया। गुरु द्रोणाचार्य इससे बहुत खुश हुए, क्योंकि उनके सारे शिष्यों में से सिर्फ एक अर्जुन ही थे, जिन्होंने निशाना सही लगाया था।

हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में हम अकसर किसी काम या बात पर फोकस करने में मुश्किल महसूस करते हैं। अपना ध्यान एक जगह न लगा पाना, अक्सर हमारे लिए मुसीबत बन जाती है, क्योंकि इससे हम बहुत-सी ज़रूरी बातों को याद नहीं रख पाते। जब बातें याद ही नहीं रहती तो हम उन बातों से संबंधित काम को ठीक से पूरा नहीं कर पाते। इसी वजह से हमारे बहुत से काम बिगड़ जाते हैं। 

एकाग्रता वैसे तो ज़िंदगी के कई पड़ाव पर हमारी मदद ही करती है, मगर जब बात करियर को आगे ले जाने की हो तो एकाग्रता सबसे ज़रूरी पहलुओं में से एक है। अगर हम एकाग्र नहीं होंगे तो ज़ाहिर सी बात है काम को ठीक से नहीं कर पाएंगे। काम का ठीक से न कर पाना, हमारे करियर में हमें आगे बढ़ने से रोक सकता है। 

तेज़ी से आगे भागते इस ज़माने में एकाग्रता बनाए रख पाना बहुत ही मुश्किल है। आज की दुनिया में भटकाव ही इतने हैं कि एकाग्रता बनाए रखना नामुमकिन-सा लगता है। हममें से कई लोग कमज़ोर एकाग्रता की समस्या से जूझ रहें हैं। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो हम यहां आपको बताएंगे कि कैसे आप अपनी एकाग्रता बढ़ाकर अपने करियर में आगे बढ़ सकते हैं।

एकाग्रता क्या है? (Ekagrta kya hai?)

आपने अर्जुन और मछली की आंख में निशाना लगाने वाली कहानी तो ज़रूर पढ़ी होगी। महाभारत काल में शिष्य अर्जुन को जब गुरु द्रोणाचार्य ने मछली की आंख में निशाना लगाने को कहा और उनसे पूछा कि उन्हें उनके सामने क्या दिख रहा है? तो अर्जुन ने कहा कि उन्हें सिर्फ की आंख दिख रही है, जहां उन्हें निशाना लगाना है। जब गुरु द्रोणाचार्य ने पूछा कि, अर्जुन! क्या तुम्हें वो पेड़ नहीं दिख रहा, जिसपर मछली लटक रही है? तो अर्जुन ने कहा कि, नहीं मुझे तो सिर्फ आंख दिख रही है। तब गुरु द्रोणाचार्य ने फिर से पूछा, “क्या तुम्हें वो मछली दिख रही है जिसपर तुम्हें निशाना लगाना है? तो अर्जुन ने कहा कि, नहीं गुरूदेव! मुझे मेरे सामने सिर्फ वो आंख दिख रही है। अर्जुन के ऐसा कहते ही द्रोणाचार्य ने अर्जुन को तीर चलाने की आज्ञा दी। 

अपने गुरु की आज्ञा पाते ही अर्जुन ने निशाना लगा दिया और निशाना सीधा जाकर मछली की आंख में लग गया। गुरु द्रोणाचार्य इससे बहुत खुश हुए, क्योंकि उनके सारे शिष्यों में से सिर्फ एक अर्जुन ही थे, जिन्होंने निशाना सही लगाया था। 

आपको पता है अर्जुन का निशाना बिल्कुल सही जगह कैसे लगा? निशाना सही लगा क्योंकि अर्जुन ने अपना सारा ध्यान अपने लक्ष्य पर फोकस कर रखा था। उनके अंदर मौजूद एकाग्रता की मदद से वे मछली की आंख पर बिल्कुल सही निशाना लगा पाए। अगर हम सभी की एकाग्रता ऐसी ही होगी तो फिर हमें अपने जीवन में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। लेकिन, अब सवाल उठता है कि एकाग्रता बढ़ाने का मंत्र क्या है? 

तो चलिए जानते हैं एकाग्रता बढ़ाने का मंत्र या फिर एकाग्रता बढ़ाने का तरीका।

एकाग्रता बढ़ाने के 8 तरीके (Ekagrta badhane ke 8 tareeke)

ये सही है कि शुरू-शुरू में एकाग्रता बढ़ाना मुश्किल लग सकता है। मगर एकाग्रता बढ़ाने का मंत्र इसे आसान बनाने में आपकी मदद करेगा। आइए जानते हैं कि हम कैसे अपनी एकाग्रता बढ़ा सकते हैं।

मेडिटेशन से बढ़ेगी एकाग्रता

योग और ध्यान आज-कल से ही नहीं बल्कि सदियों से हमारे जीवन का हिस्सा रहे हैं। हमारे ऋषि मुनियों ने इसकी खोज की और इसको करने से होने वाले फायदों के बारे में बताया। मेडिटेशन या ध्यान के बहुत से फायदों में से एक है एकाग्रता बढ़ाने की शक्ति। जब हम अपनी पूरी दिनचर्या में से थोड़ा-सा वक्त निकाल कर मेडिटेशन करते हैं तो इससे हमें बहुत सारे फायदे मिलते हैं। यकीन मानिए, मेडिटेशन में वास्तव में एकाग्रता बढ़ाने का मंत्र छिपा हुआ है। आपको तो बस थोड़ा-सा वक्त निकाल कर मेडिटेशन को अपनी आदतों में शामिल करना है और मेडिटेशन करना शुरू कर देना है।

वर्ग पहेली और सुडोकू

रोज़ न्यूजपेपर में आने वाली वर्ग पहेली और सुडोकू को भरने की कोशिश तो आपने भी कभी न कभी ज़रूर की होगी। पर क्या आप जानते हैं? उन्हें भरने या भरने की कोशिश से हमारे दिमाग की एक्सरसाइज होती है। जब हम कोई मुश्किल काम हल करने के लिए दिमाग पर ज़ोर लगाते हैं, तो इससे न केवल हमारा दिमाग और जानकारी बढ़ती है, बल्कि इससे हमें अपनी एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद मिलती है। तो फिर आज से आप भी उन वर्ग पहेलियों को भरने की कोशिश शुरू कर दीजिए।

तर्क-वितर्क के सवाल हल करें

सामान्य प्रतियोगिताओं में आने वाले तर्क-वितर्क के सवाल हल करने से भी वही लाभ होता है, जो वर्ग पहेली और सुडोकू भरने से होता है। इन सवालों को हल करने की कोशिश करें, इससे आपकी जानकारी बढ़ेगी। इसके साथ ही इन सवालों से हम अपनी एकाग्रता भी बढ़ा सकते हैं। 

अच्छी नींद लेना है ज़रूरी

जब तक मन शांत नहीं होगा, तब तक किसी काम में ध्यान भी नहीं लगेगा। मन शांत होने के लिए दिमाग का शांत होना ज़रूरी है, जो होता है अच्छी नींद से। इसलिए हमेशा अपनी नींद पूरी करना बहुत ज़रूरी है। नींद पूरी करने के लिए समय पर सोएं और समय पर उठें। जब हमारी नींद पूरी हो जाती है तो हमारा दिमाग ताज़गी महसूस करता है और यही ताज़गी हमें एकाग्रता बढ़ाने में मदद करती है।

शतरंज का खेल

क्या आपको शतरंज खेलना आता है? अगर नहीं तो सीख लीजिए। कहते हैं, शतरंज खेलने वाले व्यक्तियों का दिमाग अन्य व्यक्तियों की तुलना में ज़्यादा तेज़ होता है। शतरंज असल में एक खेल नहीं, दिमागी कसरत है। इससे हमारा दिमाग तो बढ़ता ही है साथ ही एकाग्रता भी बढ़ती है।

छोटे ब्रेक लेना भी है ज़रूरी

अगर हमें लगातार बिना किसी ब्रेक के एक काम में लगा दिया जाए, तो इससे हमारा मन ऊब जाता है और हम ध्यान लगाकर उस काम को नहीं कर पाते। इसलिए काम के बीच छोटे-छोटे ब्रेक लेना बहुत ज़रूरी है, ताकि हमारा दिमाग थोड़ी देर रिचार्ज हो सके और हम फिर से शांत मन से अपना काम कर सकें।

सही खान-पान भी है उपयोगी

अगर हम एकाग्रता बढ़ाने का मंत्र सीखना चाहते हैं, तो हमें अपने खान-पान पर भी ध्यान देना होगा। अपने खाने में प्रोटीन की सही मात्रा शामिल करें। इसके साथ ही हरी सब्जियां और ताज़े फलों को खायें। बादाम और अखरोट जैसे ड्राइ फ्रूट्स हमारे दिमाग को तेज़ करने में मदद तो करते ही हैं, साथ ही एकाग्रता बढ़ाने में भी फायदेमंद साबित होते हैं।

थोड़ा वक्त बीते प्रकृति के साथ

हम हर रोज़ सुबह से शाम कभी काम तो कभी सड़क पर लगे जाम के शोर में बिता देते हैं। हमारे दिमाग को इस शोर-शराबे से दूर थोड़े सुकून की भी ज़रूरत होती है और ये सुकून मिलता है प्रकृति की गोद में। जी हां! अपनी सुबह या शाम का थोड़ा-सा वक्त किसी हरी-भरी घास में, बगीचे में, समंदर के पास या फिर किसी नदी के किनारे बिताना बहुत फायदेमंद होता है। ये प्राकृतिक हरियाली हमारे मन को तो सुकून देती ही है, साथ ही एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद करती है।

आज आपने जाना एकाग्रता बढ़ाने का मंत्र या फिर एकाग्रता बढ़ाने का तरीका। आर्टिकल पर फीडबैक कमेंट में ज़रूर दें। ऐसे ही और आर्टिकल पढ़ने के लिए सोलवेदा हिंदी से जुड़े रहें।

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