मौलाना वहीदुद्दीन खान

वर्ष 1925 में जन्में मौलाना वहीदुद्दीन खान इस्लामी आध्यात्मिक विद्वान हैं।

इन्होंने इस्लाम, आध्यात्मिकता, प्रोफेटिक विसडम (भविष्यवाणी ज्ञान) और अलग-अलग जाति के इस समाज में शांतिपूर्ण सह अस्तित्व पर 200 से अधिक किताबें लिखी हैं। इनकी हालिया किताब द प्राफेट ऑफ पीस आधुनिकता, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और बोलने की आजादी जैसे विषयों पर इस्लामी दृष्टिकोण को दर्शाती है।

मौलाना ने कुरान का अंग्रेजी में अनुवाद भी किया है, जिसकी समीक्षा टाइम्स ऑफ इंडिया प्रकाशन ने की। वहीं, इसे सरल और सीधा करार देते हुए ऐसी पुस्तक बताया, जो करोड़ों दर्शकों तक पहुंचती है।

आध्यात्मिक ज्ञान और शांति फैलाने के उद्देश्य से मौलाना ने वर्ष 2001 में सेंटर फॉर पीस एंड स्पिरिचुअलिटी की स्थापना की। अंग्रेजी में निकलने वाली इनकी मासिक पत्रिका स्पिरिट ऑफ इस्लाम को काफी लोग पसंद करते हैं।

विश्व में शांति फैलाने के अपने उद्देश्य पर बढ़ते हुए अंतरराष्ट्रीय तौर पर भी इन्हें सराहा गया। इसके लिए इन्हें डेमिरगुस पीस इंटरनेशनल अवॉर्ड (Demiurgus Peace International Award) भी मिला। जिऑर्जटाउन यूनिवर्सिटी (Georgetown University) की हालिया किताब द 500 मोस्ट इनफ्लूएंशल मुस्लिम ऑफ 2009 ने इन्हें इस्लाम स्पिरिचुअल एंबेसडर टू द वर्ल्ड की ख्याति से भी नवाज़ा है।

लेखक मौलाना वहीदुद्दीन खान

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