मुश्किल समय में लोगों से बात करें… उनके बारे में बातें न करें

जब आपके किसी व्यक्ति के साथ मतभेद होते हैं, तो आप उन्हें कैसे सुलझाते हैं? क्या आप सीधे उस व्यक्ति से बात करते हैं, या उस मामले को उन लोगों के साथ शेअर करते हैं जिनका उस बात से कोई लेना देना नहीं?

रिलेशनशिप में उतार-चढ़ाव होने से, हमारे मन में नेगेटीव फीलिंग आ जाती हैं जिसकी वजह से हम उन रिश्तों से जुड़े हुए, उस व्यक्ति के साथ डायरेक्ट बात नहीं कर पाते हैं। क्योंकि उनकी कुछ बातें हमें परेशान करती हैं, लेकिन हम उस व्यक्ति से सीधे बात करने के बजाय, अपने जानने वालों से उनके बारे में बात करते हैं। यह सिद्ध हो चुका है कि यदि हम आपस में अपने मुद्दों पर खुलकर बात नहीं करते, तो हमारे रिश्तों में और भी दूरियाँ और कठिनाइयाँ आ सकती हैं। तो ऐसे में, जब हम अपने इशूस को सुलझाने के लिए गंभीर प्रयास करते हैं, तो दूसरा व्यक्ति स्वतः ही हमारे शुद्ध इरादों को महसूस करता है। ऐसा करने से हम न केवल अपने रिश्तों को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि अपनी ईगो पर भी जीत पाते हैं। आइये इसके बारे में और जानें:

जब आपके किसी व्यक्ति के साथ मतभेद होते हैं, तो आप उन्हें कैसे सुलझाते हैं? क्या आप सीधे उस व्यक्ति से बात करते हैं, या उस मामले को उन लोगों के साथ शेअर करते हैं जिनका उस बात से कोई लेना देना नहीं? और सबसे महत्वपूर्ण है इस बात पर फोकस करना कि क्या आप दोनों एक-दूसरे से बात नहीं करते हैं, लेकिन एक-दूसरे के बारे में अन्य लोगों से बात करते हैं, तो कितने नेगेटिव इमोशन पैदा होते हैं?

हम अक्सर यह महसूस और विश्वास करते हैं और मानते हैं कि अन्य लोग हमारे रिलेशनशिप के मुद्दों को रिसोल्व करने में हमारी मदद कर सकते हैं और कोई रास्ता बता सकते हैं। ऐसा हो सकता है कि, वे लोग हमसे सहानुभूति रखते हुए कोशिश करें, लेकिन उनके वाईब्रेशन से, उनके मन की स्थिति; जोकि चिंता, भय या क्रोध की हो सकती है, रेडीएट हो सकती है और अनजाने में ही सही, लेकिन उनके नेगेटिव वाईब्रेशन, निश्चित रूप से हमारे नाजुक दौर से गुजरते रिश्ते को और खराब कर सकते हैं।

यदि किसी भी रिश्ते में दो लोग आपस में एक दूसरे के प्रति नेगेटिव एनर्जी रेडीएट करते हैं तो, वे दोनों ही इसे आपस में सुलझा सकते हैं। और अगर हम अपने इशूस को रिसोल्व करने के लिए किसी की मदद भी लेना चाहते हैं, तो वह तीसरा व्यक्ति बिल्कुल निष्पक्ष और भावनात्मक रूप से दोनों से अलग होना चाहिए। ऐसे लोगों की दुआयें हमें भरपूर करती हैं, और उनके पोजिटीव वाईब्रेशन, हमें इशूस को सोल्व करने और मजबूत बनने में मदद कर सकते हैं।

जीवन में उतार-चढ़ाव वाले रिश्तों में हमेशा ईमानदार रहें और पारदर्शिता के साथ बात करें। क्योंकि आपके प्यूर वाईब्रेशन आप दोनों के बीच सद्भावना बनाए रखने में मदद करेंगे। किसी भी प्रकार के मतभेद में याद रखें- मैं सिर्फ और सिर्फ उसी से बात करता हूं जिससे मेरे मतभेद हैं। मैं उनके बारे में दूसरों से बात नहीं करता। और उनके साथ पोजिटीव तरीके से बातचीत करने से, हमारे बीच के इशूस रिसोल्व हो कर रिश्ते सुखदायक हो जाते है।