क्रोध के रूप; हताशा/ निराशा को कैसे करें पराजित

क्या आप जानते हैं कि, निराशा क्रोध का एक रूप है? जब हम नेगेटिव इमोशन को अपने ऊपर हावी होने देते हैं, तो अपने ऊपर कंट्रोल भी खो देते हैं

अपने जीवन में दो चीजों को हम कभी नहीं बदल सकते, वो हैं: हमारा अतीत और  दूसरे लोग।

हम जो भी रिजल्ट चाहते हैं जब वो नहीं प्राप्त होते तो यह निराशाजनक होता है और हमें हताश करता है, साथ ही यह हमारे फेल होने का भी संकेत है, कि जो हम दूसरों से चाहते हैं उसे पाने में असफल होते हैं, तो हमारा आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास कम होता जाता है।

क्या आप जानते हैं कि, निराशा क्रोध का एक रूप है? जब हम नेगेटिव इमोशन को अपने ऊपर हावी होने देते हैं, तो अपने ऊपर कंट्रोल भी खो देते हैं। ज्यादातर समय हमारे जीवन में परिस्थितियाँ वैसी नहीं होंगी जैसी हम चाहते हैं और न ही लोग वैसा व्यवहार करेंगे जैसा हम चाहते हैं। इसलिए, हमें यह निर्णय लेना होगा कि, क्या हम उनके व्यवहार के अनुसार अपने रिएक्शंस देते रहेंगे जिसके कारण हम अपने नियम, मर्यादा और आंतरिक शक्तियों का नुकसान करते रहेंगे या फिर हम निर्णय लेंगे कि दूसरों के व्यवहार से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि मैं सही सोच और सही भावनाओं के साथ अपने रिएक्शंस को कंट्रोल कर सकता हूं।

इसलिए जब लोग हमें नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं और हम वैसा नहीं करते, या बनते जैसा वे चाहते हैं तो वे निराश हो जाते हैं। हम उनकी उम्मीदों के अनुसार बिहेव नहीं करते तो उनका मूड खराब हो जाता है; वे हमें क्रोध से देखते हैं और तब हम क्या करते हैं अपने और उनके बीच एक अदृश्य रुकावट पैदा कर देते हैं जिससे हमारे बीच का सारा सूक्ष्म कम्युनिकेशन बंद हो जाता है और वे हमें प्रभावित नहीं कर पाते हैं। इसी तरह से जब हम लोगों को नियंत्रित करने की कोशिश करते हैं तो हम उन पर अपना प्रभाव खो देते हैं और दूरियां पैदा हो जाती हैं।