टूटते रिश्ते

8 रिलेशनशिप रेड फ्लैग्स, जिन्हें नज़रअंदाज़ न करें

जैसे ही रिश्ते पुराने होने लगते हैं, ये रिलेशनशिप रेड फ्लैग्स साफ तौर पर दिखने लगते हैं।

रिश्ते कच्चे धागों से बने होते हैं, सभी रिश्तों की उम्र लंबी नहीं होती है। कभी-कभी रिश्ते टूट भी जाते हैं, ये हमारी सोच से भी ज्यादा जल्दी खत्म हो जाते हैं। इस तरह से अचानक टूटते रिश्ते के कारण मन में कई सवाल रह जाते हैं, जैसे- हमसे कहां पर कमी रह गई, ऐसा क्या गलत हुआ, हम टूटते रिश्ते को बचाने के लिए क्या अलग कर सकते थे। ऐसी स्थिति में हमारे दिमाग में कई तरह की भावनाएं और अतीत की बातें चलती हैं, फिर हमें समझ में आता है कि कमी कहां रह गई थी! रिलेशनशिप एक्सपर्ट इस स्थिति को रिश्ते की लाल झंडी या रिलेशनशिप रेड फ्लैग के रूप में जानते हैं।

रिलेशनशिप रेड फ्लैग क्या है? जैसा कि डेटिंग मनोवैज्ञानिक मेडेलीन मेसन रोंट्री बताते हैं कि “रिलेशनशिप रेड फ्लैग उस स्थिति को कहते हैं जब आपके साथी में रिश्ते के प्रति सम्मान या रुचि में कमी दिखने लगती है। जो टूटते रिश्ते का लक्षण है।”

रिश्ते के शुरुआती दिनों में रेड फ्लैग शायद ना दिखे। क्योंकि उस समय रिश्ते में नई उमंग होती है और हम कई चीज़ें नज़रअंदाज़ करते हैं। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है और रोमांस जीवन में कम होने लगता है, तब रेड फ्लैग रिश्तों में साफ दिखाई देने लगता हैा। लेकिन, क्या होगा अगर आपका रिश्ता बहुत लंबा सफर तय कर चुका हो और अब आपका एक परिवार भी है? इसलिए देर होने से पहले ही इन ‘चेतावनी संकेतों’ को समझना ज़रूरी है।

यहां हमने रिलेशनशिप रेड फ्लैग के 8 बिंदुओं को लिखा है, जो अगर समय रहते आपको समझ में आ जाए तो टूटते रिश्ते को बचाया जा सकता है।

बातचीत के सिलसिले में कमी

सुलह के रास्ते वहां बंद हो जाते हैं, जहां बातचीत खत्म हो जाती है। एक खुशहाल रिश्ते के लिए बातें होती रहनी चाहिए। यह एक-दूसरे के डर और चिंताओं को समझने और उनके रिश्तों में आने वाली दरारों को भरने में मदद करता है। लेकिन कभी-कभी कुछ परिस्थितियों में शब्दों का आदान-प्रदान करना किसी एक के द्वारा पसंद नहीं किया जाता है। कई बार बहस से बचने के लिए कई लोग खामोशी को चुनते हैं या मसले को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। अब ज़रा आप सोचिए, इस रवैए के साथ आप किसी भी बात को कितने दिनों के लिए टाल सकते हैं- एक दिन, एक सप्ताह या एक महीना? लेकिन आप किसी भी समस्या को पूरे जीवन के लिए नहीं टाल सकते हैं। ऐसा रवैया धीरे-धीरे आपके टूटते रिश्ते में और जहर घोल सकता है।

अगर आपके रिश्ते में बातचीत की कमी है, तो आपको टूटते रिश्ते को बचाने के लिए अपने साथी के साथ बैठकर शांति से अपनी भावनाओं के बारे में बताएं। ध्यान रखें कि एक हेल्दी कम्युनिकेशन में “मैं” या “आप” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने की बजाय “हम” जैसे शब्दों का प्रयोग करें।

रिश्ते में असुरक्षा और ईर्ष्या 

जहां प्यार होता है वहीं जलन भी होती है। लेकिन यह बात ज्यादातर मामलों में गलत साबित होती है। असुरक्षा और ईर्ष्या टूटते रिश्ते को दीमक की तरह खोखला कर देते हैं। एक तरफ असुरक्षा आपसी समझ और आत्मविश्वास की कमी से पैदा होती है, तो दूसरी तरफ ईर्ष्या एक साथी में विश्वास व भावनात्मक परिपक्वता की कमी के कारण पनपती है। कई लोग अपने रिलेशनशिप रेड फ्लैग को अनदेखा कर देते हैं, जिससे दो लोगों के बीच में भावनात्मक दूरी और झगड़े की शुरुआत हो जाती है।

शोधकर्ताओं ने असुरक्षा और ईर्ष्या के कुछ सामान्य कारणों का पता लगाया है, जो आत्मसम्मान में कमी, साथी पर निर्भरता व अत्यधिक भावनात्मक जुड़ाव के कारण उपजता है। टूटते रिश्ते को बचाने के लिए किसी थेरेपिस्ट से बात करना या अपने साथी को अपने डर के बारे में बताना आपको असुरक्षा और ईर्ष्या से निपटने में मदद कर सकता है। लेकिन इससे पहले आप अपनी समस्या को स्वीकार करें। जब आप किसी भी समस्या को नज़रअंदाज़ करते हैं, तब आप उसका हल कभी नहीं निकाल सकते हैं। जो धीरे-धीरे रिश्ते को पतन की ओर लेकर जा सकता है।

परिवार से नाता ना रखना

“जो अपने परिवार का ना हुआ वह मेरा क्या होगा?” यह एक सामान्य लेकिन गंभीर बात है। जो रिश्ते में रह रहे दोनों लोगों पर लागू होती है। क्योंकि परिवार के साथ व्यवहार ही असल ज़िंदगी में अपने साथी के व्यवहार को भी प्रतिबिंबित करता है। इसका एक दूसरा पहलू यह है कि आपके साथी के माता-पिता ने एक दूसरे के साथ जैसा व्यवहार किया होगा, वह बचपन से वही देखता और सीखता आ रहा होता है। जिसे वह जाने-अनजाने अपने साथी के साथ भी लागू करने की कोशिश करता है। यदि किसी भी व्यक्ति का अपने परिवार के सदस्यों के साथ एक सकारात्मक और विचारशील संबंध है, तो ज़ाहिर सी बात है कि वह पार्टनर के लिए भी रोमांटिक होगा। साथ ही उसका सम्मान भी करेगा।

टूटते रिश्ते

क्रोध सबसे खतरनाक रेड फ्लैग में से एक है, जो सबसे मज़बूत रिश्तों को भी कमजोर कर सकता है।

एक दूसरे को महत्व ना देना

किसी भी रिश्ते में दो लोग गाड़ी के दो पहिए जैसे होते हैं। यह दोनों पार्टनर्स के लिए पारस्परिक संबंध को दर्शाता है। लेकिन जब एक दूसरे को महत्व ना देना शुरू कर देते हैं, तो एक रिश्तों में खटास आ जाती है। ऐसा तब होता है जब दोनों एक-दूसरे की सराहना करना या आभार व्यक्त करना बंद कर देते हैं। ऐसी स्थिति में टूटते रिश्ते में अधिक असंतुलन आ जाता है। जहां पर आप सिर्फ देते हैं, लेकिन उसके बदले आपको शायद ही कुछ मिलता है। ऐसी समस्या से निपटने के लिए आपको पहले इसे समझने की ज़रूरत है।

कैसे बताएं कि आप अपने साथी को हल्के में ले रहे हैं या महत्व नहीं दे रहे हैं?

– आप शायद ही कभी उनकी तारीफ करते होंगे।

– आप उनके कामों के लिए कभी धन्यवाद नहीं देते होंगे।

– आप उनके व्यक्तित्व की सराहना नहीं करते होंगे।

– आप एक साथ समय बिताने के बारे में नहीं सोचते होंगे।

अपने पार्टनर को महत्व देने के लिए आप क्या कर सकते हैं?

– उनके काम में मदद करें।

– गलती होने पर माफी ज़रूर मांगें।

– उनके प्यार, देखभाल और कार्यों के लिए उन्हें धन्यवाद कहें।

– अपने रिश्ते को मज़बूत करने के लिए उनके साथ समय बिताएं, चाहें तो छुट्टियों पर जा सकते हैं।

एक दूसरे से बातें छुपाना

सबकी ज़िंदगी में कुछ ना कुछ निजी या व्यक्तिगत बातें होती हैं। जिसे हम हर किसी के साथ साझा करना नहीं पसंद करते हैं। लेकिन जब बात रिश्ते में भरोसे की आती है, तो हमें अपने पार्टनर से सभी बातों को साझा करना चाहिए। लेकिन वहीं, जब हम बातें छुपाते हैं, तो मनमुटाव पैदा होता है। जो एक बड़ा रिलेशनशिप रेड फ्लैग है। जब आप अपने डर और चिंता को अपने साथी से छुपाते हैं, तो ये आपके टूटते रिश्ते के लिए हानिकारक हो सकता है। जैसा कि सभी को पता है कि किसी भी रिश्ते की नींव विश्वास है और जब उपरोक्त स्थिति आती है, तो वही नींव कमज़ोर होने लगती है।

आपके रिश्ते में विश्वास होना चाहिए, ताकि टूटते रिश्तों को बचा सकें। अगर आपको अपने पार्टनर पर भरोसा है, तो आपको उनसे कुछ भी छिपाने की ज़रूरत नहीं है। वहीं, अगर भरोसे की कमी है तो रिश्ता शुरू करने का सावल ही नहीं उठता है।

किसी भी चीज़ के लिए जवाबदेही और जिम्मेदारी न होना

जैसे कोई भी इमारत रातों रात नहीं खड़ी होती है, वैसे ही किसी टूटते रिश्ते को भी संवरने में बहुत समय लगता है। रिश्ता दोनों पार्टनर्स से विश्वास, सम्मान, त्याग और समझौते की मांग करता है। जब किसी से कोई गलती हो जाए, तो वह कार्यों के लिए जवाबदेही और जिम्मेदारी नहीं लेता है। वह अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं करते हैं और अपने साथी के सिर पर ही दोष मढ़ते हैं। यह रेड फ्लैग दो कारणों से शुरू होता है, पहला बातचीत में कमी और दूसरा अपने पार्टनर को महत्व ना देना। ये रवैया रिश्ते की कमजोर बुनियाद को दर्शाता है, जो समय की कसौटी पर खरा नहीं उतरता है।

इस स्थिति में आपको और आपके साथी को रिश्ते को बेहतर करने के लिए बुनियादी बातों पर काम करने की ज़रूरत है। वहीं आप यह ध्यान रखें कि दोनों लोगों की अपेक्षाएं क्या हैं, बातचीत में कोई भी अंतराल ना हो, अपने रिश्ते के बारे में आपको क्या बातें पसंद हैं और क्या नापसंद और बिना कोई धारणा बनाए व एक-दूसरे की बातें सुनें।

गैसलाइटिंग

गैसलाइटिंग किसी भी रिश्ते के लिए एक बड़ा रेड फ्लैग है। यह एक ऐसी हेरफेर की रणनीति है, जिसका उपयोग कोई व्यक्ति किसी का ब्रेनवॉश करने के लिए करता है। यह सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन रिश्तों में गैसलाइटिंग आजकल काफी आम बात हो गई है। इन दिनों यह शब्द इतना अधिक उपयोग किया जा रहा है कि ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने गैसलाइटिंग शब्द को 2018 का सबसे लोकप्रिय शब्द बताया है। गैसलाइटिंग के ज़रिए एक साथी दूसरे को बहकाने की कोशिश करता है, झूठ बोल कर उनका विश्वास हासिल करने और उन्हें बदलने की कोशिश करता है।

गैसलाइटिंग का शिकार कोई भी हो सकता है, क्योंकि यह वर्षों से धीरे-धीरे एक स्वार्थी पार्टनर द्वारा किया जाता है। इस कारण से, यह एक रेड फ्लैग है जिसे समय पर समझना भी मुश्किल होता है।

यदि आप अपने पार्टनर द्वारा किए गए गैसलाइटिंग को नहीं समझ पा रहे हैं, तो अपने किसी भरोसेमंद मित्र से बात करें। इसके अलावा टूटते रिश्तों को बचाने के लिए आप किसी थेरेपिस्ट से भी सुझाव ले सकते हैं।

ज़रा सी बात पर चिढ़ने वाला पार्टनर

गुस्सा सबसे खतरनाक रेड फ्लैग में से एक है, जो सबसे मज़बूत रिश्तों को भी बर्बाद कर सकता है। ध्यान रखें कि क्रोध आना कोई परेशानी नहीं है, बल्कि यह एक स्वाभाविक भावना है, जिसे हर कोई महसूस करता है। लेकिन आप अपने गुस्से पर कैसे काबू पाते हैं और उसका जवाब कैसे देते हैं, इस बात से बहुत फर्क पड़ता है। गुस्सा उस पतली लकीर की तरह है, जो किसी भी रिश्ते को अलग करने का काम कर सकती है।

अभी तक जितने भी रिलेशनशिप रेड फ्लैग के बारे में आपने जाना, उनमें से गुस्से के बारे में पता लगाना बहुत आसान है। अगर आपका साथी किसी सार्वजनिक स्थान पर भी आप पर चिल्लाता है और अपने आपको बदलने का प्रयास नहीं करता है, तो आप इसे नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते। समय बीतने के साथ गुस्सैल स्वभाव और खराब हो सकता है, जो आपके रिश्ते को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा।

टूटते रिश्ते को बचाने के लिए कपल थेरेपी लें, मेडिटेशन करें, एक साथ वक्त बिताएं और एक दूसरे के प्रेम व्यवहार से पेश आएं। इन तरीकों से गुस्से से निपटा जा सकता है।

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